इंदौर (मध्यप्रदेश), एक अक्टूबर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि नीट प्रश्नपत्र लीक को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले दिनों हुए विरोध प्रदर्शन में 2,983 अपराधी भी घुस गए थे और इस आंदोलन में शामिल नौजवान देश की समूची ‘जेन-जी’ का प्रतिनिधित्व नहीं करते। कुमार ने यह बात ऐसे वक्त कही, जब इस विरोध प्रदर्शन की अगुवा कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर अक्टूबर के अंत से नया आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है। कुमार ने इंदौर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं ऐसा नहीं मानता कि जंतर-मंतर पर जो लोग आए थे, वे भारत की संपूर्ण ‘जेन-जी’ का प्रतिनिधित्व करते हैं।
वहां एक विशेष मानसिकता के लोग आए थे।’’ ‘जेन-जी’ (जेनरेशन जेड) से तात्पर्य उस पीढ़ी से है, जिसका जन्म मुख्य रूप से 1997 से 2012 के बीच हुआ है। विहिप अध्यक्ष ने यह जानकारी मिलने का दावा किया कि दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर के प्रदर्शन स्थल पर 1,000 सीसीटीवी कैमरे लगाए थे जो पुलिस के डेटाबेस से जुड़े हुए थे। उन्होंने कहा, ‘‘वहां जब भी कोई ऐसा चेहरा आता था, जो पुलिस के रिकॉर्ड में बार-बार अपराध करने वाला या जघन्य अपराधों में लिप्त अपराधी था तो एक दस्तावेज तैयार होता था।
ऐसे 2,983 अपराधी उस आंदोलन में घुस गए थे। हालांकि, आंदोलनकारियों ने उन्हें नहीं बुलाया था, पर वे आंदोलन में घुस गए थे।’’ कुमार ने कहा कि उन ‘‘पराजित’’ राजनीतिक दलों के लोग भी जंतर-मंतर पहुंचे थे, जिन्हें लगता था कि भारत की ‘जेन-जी’ जाग गई है और श्रीलंका, नेपाल एवं बांग्लादेश की तरह नौजवान आंदोलन करेंगे तथा नरेन्द्र मोदी को हटाकर राहुल गांधी को प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठा देंगे। उन्होंने कहा, ‘‘…इसलिए वह पूरी तरह से छात्रों का आंदोलन नहीं था।
कम्युनिस्ट संगठन इस आंदोलन को खुला समर्थन दे रहे थे। आंदोलन में जिस तरह के अश्लील और वाहियात नारे लगाए गए थे, वह इन संगठनों की पुरानी है।’’ विहिप अध्यक्ष ने हालांकि कहा, ‘‘जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन के मुद्दे से हम भी सहमत थे क्योंकि किसी भी परीक्षा का प्रश्न पत्र लीक होना परीक्षार्थियों और उनके परिवारों के साझा सपनों को तोड़कर बिखेर देता है।’’ नीट प्रश्नपत्र लीक को लेकर जंतर-मंतर पर कॉजपा की अगुवाई में युवाओं का विरोध प्रदर्शन 36 दिन तक चला था। इसके कारण शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा था।
निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर जारी विवाद पर विपक्ष के हमलों पर विहिप अध्यक्ष कुमार ने कहा कि सभी संवैधानिक संस्थाओं को अपमानित कर उन्हें अविश्वसनीय साबित करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि देश को कमजोर किया जा सके। उन्होंने कटाक्ष किया, ‘‘कुछ लोग चुनाव हारने की हताशा का कारण अपने अंदर ढूंढने के बजाय अंपायर को दोष दे रहे हैं।’’ विहिप अध्यक्ष ने सड़क निर्माण सरीखे बुनियादी ढांचे से जुड़े कामों के लिए मंदिरों को हटाए जाने के सवाल पर कहा कि अगर कोई मंदिर अपने धार्मिक महत्व के कारण लोगों की श्रद्धा का केंद्र है, तो किसी भी सरकार को उसे हटाने के मुद्दे को प्रतिष्ठा का प्रश्न नहीं बनाना चाहिए और जनभावनाओं का सम्मान करना चाहिए। कुमार, विहिप के दिवंगत नेता अशोक सिंहल के जन्म शताब्दी वर्ष के कार्यक्रम में हिस्सा लेने इंदौर आए थे।
उन्होंने सिंहल के योगदान को याद करते हुए कहा, ‘‘हम केंद्र सरकार से अपेक्षा करेंगे कि देशभर में गोवंश की रक्षा के लिए कानून बनाया जाए।
