बाजार में लगी सब्जी की दुकान का दृश्य।
– टमाटर भी धीरे-धीरे हो रहा लाल, सीताफल ने दोगुना किया भाव
CITY NEWS FATEHPUR
फतेहपुर(CNF)। बारिश के मौसम में सब्जियों के बढ़ते दाम का असर एक बार फिर से रसोई का बजट बिगाड़ रहा है। बिंदकी सब्जी मंडी में जहां आलू के भाव फिलहाल स्थिर बने हुए हैं किंतु प्याज के दाम में अचानक तेजी आई है। टमाटर भी अब धीरे-धीरे महंगा हो रहा है। सीताफल के भाव में तो एक सप्ताह के भीतर दोगुना उछाल बताया जा रहा है। लौकी, चाचीड़ा और अदरक के दाम भी पहले की तुलना में बढ़ रहे हैं। लिहाजा सब्जियों की कीमतों को लेकर लोगों की चिंता बढ़ने लगी है।
सबसे बड़ी बात यह है कि गंगा किनारे के कटरी क्षेत्र में बारिश के कारण बाढ़ और जलभराव जैसे हालात अभी नहीं बन रहे हैं। यदि कटरी क्षेत्र के खेतों में पानी भरता है तो स्थानीय स्तर पर उगाई जाने वाली सब्जियों की तुड़ाई, खेतों से निकासी और मंडी तक पहुंच प्रभावित हो सकती है। इससे आने वाले दिनों में मंडियों में आवक घटने पर सब्जियों के दाम और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। बिंदकी नगर की सब्जी मंडी में आलू के भाव फिलहाल लोगों को कुछ राहत दे रहे हैं। आलू 80 रुपये में पांच किलो बिक रहा है। इससे पहले भी इसका भाव 80 रुपये पांच किलो ही था। चूंकि आलू रसोई की प्रमुख सब्जियों में शामिल है और इसकी कीमत स्थिर रहने से उपभोक्ताओं को कुछ राहत है। हालांकि अन्य सब्जियों के बढ़ते दाम के कारण घरेलू बजट पर दबाव बना हुआ है। शुक्रवार की साप्ताहिक बाजार में सबसे ज्यादा चर्चा प्याज के भाव में आई तेजी को लेकर रही। कुछ समय पहले तक 30 रुपये किलो बिकने वाला प्याज का भाव आज 50 रुपये किलो पहुंच गया। प्याज के साथ अब टमाटर भी महंगाई की ओर बढ़ता नजर आया। बिंदकी मंडी में 30 प्रति किलो की दर से बिकने वाले टमाटर के भाव 40 हो गए। फिलहाल आढ़तियों के मुताबिक यह बढ़ोतरी बहुत ज्यादा नहीं है, लेकिन बारिश के मौसम में आवक प्रभावित होने पर टमाटर के भाव तेजी से ऊपर जा सकते हैं। टमाटर जल्दी खराब होने वाली सब्जी है। इसलिए लगातार बारिश, रास्तों की स्थिति और मंडी तक नियमित आपूर्ति का असर इसके दाम पर जल्दी दिखाई देता है।
सीताफल का भाव दोगुना, लौकी के दाम में भी उछाल
सब्जियों में सीताफल के भाव में भी तेजी आई है। पहले 20 रुपये किलो बिकने वाला सीताफल अब 40 रुपये किलो पहुंच गया है। यानी इसके भाव में सीधे 20 रुपये किलो की बढ़ोतरी हुई है। बारिश के मौसम में खेतों से सब्जियों की आवक प्रभावित होने पर स्थानीय बाजार में उपलब्धता कम हो सकती है। इसका असर सीताफल जैसे उत्पादों पर भी दिखाई दे सकता है।वहीं,बारिश के मौसम में आम तौर पर आसानी से उपलब्ध रहने वाली लौकी के भाव में ऊपर चढ़ रहे हैं। पहले लौकी 10 से 15 रुपये किलो के आसपास बिक रही थी, जबकि मौजूदा भाव 25 से 30 रुपये किलो पहुंच गया। कम कीमत वाली सब्जियों में शामिल लौकी का महंगा होना भी घरेलू रसोई के बजट पर असर डाल रहा है।
कटरी क्षेत्र की सब्जियों पर मौसम की मार का डर
बिंदकी और आसपास के क्षेत्र में सब्जियों की आपूर्ति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा स्थानीय खेती और आसपास के ग्रामीण इलाकों से आता है। गंगा किनारे का कटरी क्षेत्र भी विभिन्न प्रकार की सब्जियों की खेती के लिए जाना जाता है। बारिश अधिक होने और गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी के साथ कटरी क्षेत्र में बाढ़ या जलभराव की स्थिति बनती है तो इसका असर खेतों पर पड़ सकता है। खेतों में पानी भरने से सब्जियों की फसल प्रभावित होने के साथ ही तैयार सब्जियों को खेतों से मंडी तक पहुंचाने में भी परेशानी हो सकती है।
आवक कम हुई तो बढ़ सकता है भाव
सब्जियों की कीमत मुख्य रूप से आवक, मांग और मौसम पर निर्भर करती है। बारिश के दौरान यदि मंडी में नियमित आवक बनी रहती है तो कीमतों पर ज्यादा दबाव नहीं पड़ता। लेकिन खेतों में पानी भरने या रास्ते प्रभावित होने से आवक कम होती है तो बाजार में उपलब्ध सब्जियों की कीमत बढ़ सकती है। फिलहाल बिंदकी मंडी में आलू के भाव स्थिर हैं, लेकिन प्याज, टमाटर, सीताफल, लौकी, चाचीड़ा और अदरक के भाव बढ़े हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति पर सब्जी बाजार की निगाह रहेगी।
