दादा-दादी दिवस समारोह में सांस्कृतिक प्रस्तुति देते बच्चे व मौजूद दादा-दादी और अभिभावक।
एम्बिशन पब्लिक स्कूल में अंतरराष्ट्रीय दादा-दादी दिवस पर बच्चों ने दीं रंगारंग प्रस्तुतियां, बुजुर्गों के साथ साझा किए यादगार पल
CITY NEWS FATEHPUR
फतेहपुर(CNF)। दादा-दादी का स्नेह बच्चों के बचपन की सबसे खूबसूरत यादों में शामिल होता है और उनके अनुभव जीवन की अनमोल सीख बनते हैं। इसी भाव को जीवंत करते हुए एम्बिशन पब्लिक स्कूल में अंतरराष्ट्रीय दादा-दादी दिवस पर भावपूर्ण एवं रंगारंग समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बच्चों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से दादा-दादी के प्रति प्रेम, सम्मान और कृतज्ञता का इजहार किया। समारोह में बुजुर्गों की मौजूदगी ने विद्यालय परिसर को पारिवारिक अपनत्व और खुशियों से भर दिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अधिवक्ता मोहम्मद आसिफ रहे, जबकि ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े मेजर चांद मोहम्मद विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। विद्यालय परिवार की ओर से दोनों अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान किया गया। इसके बाद विद्यार्थियों ने गीत, नृत्य और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरीं। बच्चों की प्रस्तुतियों में दादा-दादी के प्रति सम्मान के साथ-साथ भारतीय पारिवारिक संस्कारों की सुंदर झलक देखने को मिली।
समारोह का सबसे भावुक पक्ष उस समय देखने को मिला, जब बच्चों ने अपने दादा-दादी के साथ विभिन्न मनोरंजक गतिविधियों में उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। दादा-दादी ने भी बच्चों का उत्साह बढ़ाते हुए कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर सहभागिता की। उन्होंने अपने जीवन के अनुभव बच्चों के साथ साझा किए और परिवार, संस्कार, अनुशासन तथा बड़ों के सम्मान का महत्व बताया। बच्चों और दादा-दादी के बीच बने आत्मीय पलों ने समारोह को यादगार बना दिया।
विद्यालय के प्रबंधक दिलशाद अहमद ने कहा कि दादा-दादी परिवार की वह अमूल्य धरोहर हैं, जिनके अनुभव और संस्कार पीढ़ियों को जोड़ने का काम करते हैं। बच्चों को दादा-दादी का सानिध्य मिलने से उनमें संवेदनशीलता, संस्कार और पारिवारिक मूल्यों का विकास होता है। उन्होंने कहा कि विद्यालय में इस तरह के आयोजन बच्चों को अपनी जड़ों और पारिवारिक परंपराओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
प्रधानाचार्या आरती सोनी ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि बच्चों में अच्छे संस्कार और मानवीय संवेदनाएं विकसित करना भी है। दादा-दादी दिवस जैसे कार्यक्रम बच्चों को बड़ों के सम्मान और परिवार की अहमियत समझाने का बेहतर माध्यम हैं। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों, दादा-दादी, अभिभावकों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर विद्यालय स्टाफ की ओर से पूजा सोनी, शगुफ्ता परवीन, समाना जहरा, जस्मीन बेगम, अनामिका विश्वकर्मा, श्रेया यादव, पूजा गौतम समेत समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहीं। विद्यालय प्रबंधन ने सभी अतिथियों एवं दादा-दादी का आभार जताया। समारोह का समापन हंसी-खुशी और आत्मीय वातावरण में हुआ।
