इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का संयुक्त राष्ट्र के सबसे बड़े मंच से दिया बयान खूब चर्चा में है। जहां पर नेतन्याहू  यूएनजीसी के महासभा के पोडियम पर पहुंचे तो उनके हाथों में एक छोटा सा डिवाइस नजर आया। यह वही छोटा सा गैजेट था जिसने पूरी दुनिया के सामने इजराइल की वाहवाही की थी। यह वो पेजर था जिसकी मदद से इजराइल ने सैकड़ों किलोमीटर दूर बैठकर अपने दुश्मन हिजबुल्ला के नेटवर्क को एक ही झटके में तबाह कर दिया था। नेतन्याहू ने यूएन के मन से खुलकर इस ऑपरेशन की याद दिलाई और सीधे हिजबुल्ला और उसके आकाओं पर तंज कसा है। जैसे ही नेतन्याहू भाषण देने के लिए खड़े हुए यूएन के हॉल में भारी हंगामा देखने को मिला। कई सारे देशों के डिप्लोमेट्स वॉक आउट कर गए और कुर्सियां खाली हो गई। लेकिन नेतन्याहू  वहां भी नहीं रुके। उन्होंने बाहर जा रहे राजनिकों पर सीधा वार किया और उन्हें मोरल कायर बताया। यानी कि नैतिक रूप से डरपोक। इसके बाद उन्होंने अपने भाषण के बीच में इस पेजर को उठाकर पूरी सभा को दिखाया और कहा कि क्या आपको यह याद है? मैं बता सकता हूं कि हिजबुल्ला को जरूर याद है।

इसके साथ ही नेतन्याहू ने ईरान के परमाणु ठिकाने पर हमले को भी अपने कार्यालय का सबसे आसान फैसला बताया साथ ही में गाजा में हो रहे नरसंहार के आरोप को उन्होंने सिरे से खारिज किया और इसे सदी का सबसे बड़ा झूठ करार दिया है। नेतन्याहू ने उस सैन्य अभियान के दायरे को भी विस्तार से बताने की कोशिश की, जिसके बारे में इज़राइल का कहना है कि उसने पूरे क्षेत्र में इसे चलाया है। उन्होंने कहा पिछले तीन सालों में हमारे सैनिकों ने सात मोर्चों पर लड़ाई लड़ी है। उन्होंने पूछा क्या आप न्यू जर्सी के आकार के किसी ऐसे देश के बारे में जानते हैं जो सात मोर्चों पर तीन साल तक लड़ सके? इज़राइल के प्रधानमंत्री ने ईरान के बारे में भी विस्तार से बात की। उन्होंने ईरान की सरकार को हत्यारी तानाशाही कहा और बताया कि इज़राइल ने तेहरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकने के लिए कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा मैंने ईरान की हत्यारी तानाशाही को परमाणु बम और ऐसे परमाणु हथियार बनाने से रोकने का संकल्प लिया था, जिनका मकसद इज़राइल को नष्ट करना था और जिनसे पूरी दुनिया के लिए खतरा पैदा हो सकता था।

नेतन्याहू ने दावा किया कि इज़राइल और अमेरिका ने ईरान और उसके परमाणु ठिकानों को भारी नुकसान पहुँचाया है। उन्होंने हमें दुनिया से मिटाने की साज़िश रची। लेकिन हम टूटने के बजाय, अपने महान अमेरिकी दोस्तों के साथ मिलकर उन सभी पर ज़बरदस्त प्रहार किए और ईरानी सेना व उसके परमाणु ठिकानों को कुचल दिया। दरअसल सितंबर 2024 में लेबनान सीरिया में हिजबुल्ला के लड़ाकों और कमांडरों के पास मौजूद हजारों पेजर एक साथ फटने लगे। अगले ही दिन वहां से खबर आई कि वॉकी टॉकी में भी सीरियल ब्लास्ट हुए हैं। यानी कि इजराइल की ओर से इंपेजर और वॉकी टॉकीज़ का इस्तेमाल किया गया था जिसमें एक बम फिट किया गया था और जिसका कमांड इजराइल के पास था और एक ही झटके में उन्होंने इन सभी को ब्लास्ट कर दिया। इन धमाकों में हिजबुल्ला के कई लड़ाके और टॉप कमांडर्स भी मारे गए थे और हिजबुल्ला का टॉप कम्युनिकेशन कमांड नेटवर्क पूरी तरीके से तोड़ कर रख दिया था इजराइल ने। इस खुफिया ऑपरेशन को आधुनिक युद्ध इतिहास के सबसे घातक और सटीक ऑपरेशंस में माना जाता है। यूएन के मन से पेजर दिखाकर नेतन याहू ने यह साफ संदेश दे दिया कि अगर इजराइल अपने दुश्मनों के खिलाफ किसी भी हद तक जाने को तैयार है।

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