रूस और यूक्रेन के बीच रात भर लंबी दूरी के हमले हुए। रूसी मिसाइलों और ड्रोनों ने यूक्रेन के कम से कम चार इलाकों को निशाना बनाया, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई। वहीं, यूक्रेनी सेना ने दावा किया कि उन्होंने रूस की एक और तेल रिफाइनरी को नुकसान पहुँचाया है। यह घटनाक्रम तब हुआ जब यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की UN जनरल असेंबली में शामिल होने के लिए अमेरिका (न्यूयॉर्क) गए हुए थे। वहाँ उन्हें दुनिया के नेताओं जिनमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी शामिल थे। मिलकर रूस के साढ़े चार साल से ज़्यादा समय से चल रहे पूर्ण पैमाने के हमले को खत्म करने के लिए समर्थन मांगना था। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इस सालाना कार्यक्रम में शामिल नहीं हो रहे हैं। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने मंगलवार को कहा कि फ्रांस यूक्रेन को उसके पावर ग्रिड की सुरक्षा में मदद के लिए और रडार देगा। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि उन्होंने ट्रम्प के साथ मॉस्को और कीव के बीच एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों को रोकने और ब्लैक सी में हमलों पर “रोक” लगाने (मोरटोरियम) की संभावना पर चर्चा की थी।

ज़ेलेंस्की ने अपनी न्यूयॉर्क यात्रा की शुरुआत अमेरिकी सीनेटरों से मिलकर और यूक्रेन के लिए उनके मज़बूत द्विदलीय समर्थन के लिए उन्हें धन्यवाद देकर की। साथ ही, उन्होंने हाल ही में रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाने वाले बिल को पास करने के लिए भी उनका शुक्रिया अदा किया, जिस पर ट्रम्प ने हस्ताक्षर करके उसे कानून बना दिया है। उन्होंने कहा कि जब यह बिल पूरी तरह से लागू हो जाएगा, तो शांति और सुरक्षा और करीब आ जाएगी। ज़ेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर यह भी कहा कि उन्होंने सीनेटरों को तनाव कम करने के उपायों के बारे में अपने प्रस्तावों की जानकारी दी है, जिन पर वह मंगलवार को बाद में ट्रम्प के साथ चर्चा करने वाले हैं। वह ट्रम्प पर और अधिक अमेरिकी-निर्मित पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम भेजने के लिए फिर से ज़ोर देने की योजना बना रहे हैं; कीव का कहना है कि रूस की बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने के लिए उसे इनकी ज़रूरत है।

ज़ेलेंस्की काला सागर के रास्ते यूक्रेनी अनाज और खेती से जुड़े दूसरे उत्पादों को दुनिया भर के बाज़ारों तक पहुँचाने के लिए भी समर्थन मांग रहे हैं। माल ढोने वाले जहाज़ों पर रूसी हमलों ने कीव के एक्सपोर्ट को बुरी तरह प्रभावित किया है, जिससे यूक्रेन की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुँचा है और ग्लोबल सप्लाई पर भी खतरा पैदा हो गया है। इस युद्ध का दुनिया भर में व्यापक असर पड़ा है। ट्रंप ने कहा कि मॉस्को द्वारा यूक्रेन के पावर ग्रिड पर हमले के बाद रूसी रिफाइनरियों पर बार-बार हुए हमलों के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डीज़ल की कमी हुई और कीमतें तेज़ी से बढ़ीं। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान युद्ध के कारण होर्मुज़ जलडमरूमध्य से तेल की सप्लाई में कटौती से ग्लोबल सप्लाई की समस्या और गंभीर हो गई। पश्चिमी अधिकारियों का कहना है कि इस युद्ध में 5,00,000 से ज़्यादा रूसी सैनिक मारे गए हैं। यूक्रेन ने कहा कि उसने रात भर चले एक हमले में मॉस्को के दक्षिण-पूर्व में समारा स्थित कुइबिशेव तेल रिफाइनरी पर हमला किया। यूक्रेनी स्पेशल फोर्सेज़ ने बताया कि कई ड्रोन अपने लक्ष्यों से टकराए, जिससे रोज़नेफ्ट के मालिकाना हक वाली इस सुविधा में भीषण आग लग गई। बयान में रिफाइनरी को मध्य रूस के लिए ईंधन का एक प्रमुख स्रोत बताया गया, जहाँ पेट्रोल, डीज़ल, फ्यूल ऑयल और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों का उत्पादन होता है। यूक्रेन ने कहा कि उसने पिछले साल जून में भी इसी रिफाइनरी पर हमला किया था।

समारा क्षेत्र के गवर्नर व्याचेस्लाव फेडोरिशचेव ने बताया कि हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए। उन्होंने कहा कि “दुश्मन ने औद्योगिक ठिकानों को निशाना बनाया लेकिन यह नहीं बताया कि कौन से ठिकाने थे। रूस के रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि उसकी सेना ने रूस के 14 क्षेत्रों और गैर-कानूनी रूप से कब्ज़े में लिए गए क्रीमिया प्रायद्वीप के ऊपर 297 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए। यूक्रेन की वायु सेना ने बताया कि रूस के रात भर चले हमलों में एंटी-शिप मिसाइलें, बैलिस्टिक मिसाइलें, क्रूज़ मिसाइलें और 200 से ज़्यादा ड्रोन शामिल थे। निप्रॉपेट्रोव्स्क क्षेत्रीय सैन्य प्रशासन के प्रमुख ओलेक्सांद्र हंझा ने बताया कि इन हमलों में मध्य यूक्रेन के शहर निप्रो में चार लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि यूक्रेन के अलग-अलग इलाकों में हुए हमलों से घरों, कारोबारों और स्टोरेज सुविधाओं को नुकसान पहुँचा और कम से कम पाँच लोग घायल हो गए। कीव के अधिकारियों ने बताया कि राजधानी में पाँच लोग घायल हुए।

रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसकी सेना ने यूक्रेन के चार इलाकों में मेटल और केमिकल इंडस्ट्री, फ्यूल और एनर्जी सेक्टर, मिलिट्री-इंडस्ट्रियल कॉम्प्लेक्स और पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधाओं पर हमले किए। मंत्रालय ने बताया कि हमलों के लक्ष्यों में कीव में मौजूद ‘फायर पॉइंट’ प्लांट भी शामिल था, जहाँ लंबी दूरी की क्रूज़ मिसाइलों के पार्ट्स बनाए जाते हैं, और मध्य पोल्टावा इलाके में मौजूद एक तंबाकू फैक्ट्री भी शामिल थी, जिसका इस्तेमाल छोटे हथियारों के गोला-बारूद बनाने में किया जा रहा था। हाल के हमलों ने यह साफ़ कर दिया है कि लड़ाई अब भी रोज़ाना हवाई हमलों के ज़रिए लड़ी जा रही है, जबकि मोर्चे पर हालात में बहुत कम बदलाव आया है। दोनों पक्षों ने नुकसान और हताहतों की जानकारी दी है, वहीं ज़ेलेंस्की यूक्रेन की युद्ध की कोशिशों और तनाव कम करने के प्रस्तावों के लिए विदेशों से और समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहे हैं।

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