अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को फिर से चेतावनी दी कि ईरान के साथ शांति समझौता करने की कूटनीतिक कोशिशों के बीच अमेरिका ईरान पर “बहुत ज़ोरदार” हमला करेगा। उन्होंने कहा कि ये हमले आज रात किए जाने की योजना है। ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट में अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि वॉशिंगटन, बहुत जल्द ही, ईरान के खार्ग द्वीप पर कब्ज़ा कर लेगा। यह द्वीप ईरान के लगभग सभी तेल निर्यात और अन्य तेल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए मुख्य टर्मिनल का काम करता है। इस कदम का मकसद तेहरान के तेल और गैस बाज़ार पर अपना दबदबा बनाना है। उन्होंने वेनेज़ुएला का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां के तेल संसाधनों पर अमेरिकी नियंत्रण “वेनेज़ुएला और अमेरिका, दोनों के लिए बहुत फायदेमंद” रहा है।

उन्होंने अपनी इस बात को भी दोहराया कि ईरान की नौसेना, वायु सेना, रडार, एंटी-एयरक्राफ्ट और ज़्यादातर आक्रामक क्षमताएं खत्म हो चुकी हैं। पोस्ट में लिखा था, अमेरिका आज रात ईरान पर ज़ोरदार हमला करेगा (जिसकी नेवी, एयर फ़ोर्स, रडार, एंटी-एयरक्राफ्ट और बाकी सभी तरह की सुरक्षा व्यवस्था, साथ ही ज़्यादातर हमला करने की क्षमता भी खत्म हो चुकी है!)। भविष्य में कभी न कभी हम खार्ग आइलैंड और तेल से जुड़े दूसरे इंफ्रास्ट्रक्चर ठिकानों पर कब्ज़ा कर लेंगे और उनके तेल और गैस बाज़ार पर पूरी तरह कंट्रोल कर लेंगे, ठीक वैसे ही जैसे हमने वेनेज़ुएला के मामले में किया है, जो वेनेज़ुएला और अमेरिका दोनों के लिए बहुत फ़ायदेमंद साबित हो रहा है।

ट्रंप ने बुधवार को कहा था कि अमेरिका ईरान पर फिर से हमले शुरू करेगा, क्योंकि उन्होंने वॉशिंगटन के साथ डील पूरी करने में तेहरान की देरी पर नाराज़गी ज़ाहिर की थी। ओवल ऑफ़िस में बोलते हुए ट्रंप ने कहा कि हम उन पर हमला करने जा रहे हैं, बहुत ज़ोरदार हमला करेंगे। उन्होंने कहा कि ईरान द्वारा अमेरिकी अपाचे हेलिकॉप्टर को मार गिराए जाने से दोबारा मिलिट्री एक्शन लेने का आधार मिला है। उन्होंने पत्रकारों से कहाकि हेलीकॉप्टर वाली घटना को देखते हुए, मुझे लगता है कि हमारे पास ऐसा करने का अधिकार है। उन्होंने आगे कहा कि हमने कल उन पर ज़ोरदार हमला किया था। आज हम फिर से उन पर ज़ोरदार हमला करेंगे ताकि अगर आपने कल का हमला नहीं देखा हो या टीवी न चलाया हो, तो भी आपको पता चल जाए – और फिर देखेंगे कि डील का क्या होता है।

बुधवार को US सेंट्रल कमांड ने बताया कि अमेरिकी सेना ने ईरान में कई ठिकानों पर अतिरिक्त आत्मरक्षा हमले (self-defence strikes) किए। इन हमलों में तेहरान की सैन्य निगरानी क्षमताओं, संचार प्रणालियों और देश भर में मौजूद एयर डिफेंस साइट्स को निशाना बनाया गया। सेंटकॉम के अनुसार, US मरीन कॉर्प्स, एयर फ़ोर्स और नेवी की टुकड़ियों ने ईरान के उन ठिकानों पर सटीक हमले किए जिनसे इस इलाके में अमेरिकी सेना और अंतरराष्ट्रीय कमर्शियल जहाजों को खतरा था। ये हमले ईरान की लगातार और बिना वजह की आक्रामकता का जवाब हैं, और अमेरिकी सेना पूरी तरह सतर्क, सक्षम और तैयार है। इस बीच, CNN ने खबर दी है कि रात भर चली बातचीत के बाद भी US-ईरान के बीच बातचीत जारी है।

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