इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने देश की आपराधिक न्याय प्रणाली में होने वाली अत्यधिक देरी को लेकर सख्त टिप्पणी की है। अदालत ने कहा कि ‘तारीख पर तारीख’ की संस्कृति हमारी न्याय व्यवस्था की पहचान नहीं होनी चाहिए। न्यायमूर्ति राजीव भारती ने यह बात बहराइच जिले के करीब 25 साल पुराने अपहरण के एक मामले में सुनवाई के दौरान कही। कोर्ट ने कहा कि किसी भी आपराधिक मामले को दो दशक से अधिक समय तक लटकाए रखना संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मिलने वाली त्वरित और निष्पक्ष सुनवाई की गारंटी का सीधा उल्लंघन है।

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