मलयालम फिल्म उद्योग के लिए मंगलवार की सुबह एक बेहद दुखद खबर लेकर आई। मशहूर अभिनेता संतोष नायर का आज तड़के केरल के एनाथु (Enathu) में एक भीषण सड़क हादसे में निधन हो गया। इस दुर्घटना में उनकी पत्नी भी घायल हुई हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने बताया कि मलयालम एक्टर संतोष नायर की मंगलवार तड़के एनाथु में एक सड़क हादसे के बाद मौत हो गई। उनकी पत्नी, जो कार में उनके साथ थीं, उन्हें भी चोटें आई हैं। नायर ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत 1982 की फिल्म ‘इथु नंगलुदे कथा’ से की थी और उसके बाद 100 से ज़्यादा फिल्मों में अलग-अलग तरह के किरदार निभाए, जिनमें हीरो और विलेन से लेकर सहायक किरदार तक शामिल थे। उनकी हालिया रिलीज़ फिल्म ‘मोहिनीअट्टम’ अभी भी सिनेमाघरों में चल रही है।

एक्टर संतोष नायर का निधन

यह कार हादसा सुबह करीब 6.30 बजे हुआ, जब जिस कार में वह सफर कर रहे थे, वह एक लॉरी से टकरा गई, जिससे वह और उनकी पत्नी दोनों घायल हो गए। PTI के मुताबिक, स्टीयरिंग व्हील से टकराने के कारण नायर को सीने में गंभीर चोटें आईं, जबकि उनकी पत्नी की पसली टूट गई।

 

संतोष नायर की फिल्म ‘मोहिनीअट्टम’ अभी भी सिनेमाघरों में चल रही है

उनकी हालिया फिल्म ‘मोहिनीअट्टम’ अभी सिनेमाघरों में चल रही है और अब यह उनकी आखिरी ऑन-स्क्रीन उपस्थिति बन गई है। इसी दुनिया से जुड़ा एक और प्रोजेक्ट, ‘भरतनाट्यम 2: मोहिनीअट्टम’, जिसमें साईजू कुरुप मुख्य भूमिका में हैं, अपनी डिजिटल रिलीज़ के लिए तैयार है। यह फिल्म, जो 10 अप्रैल को ‘भरतनाट्यम’ (2024) के सीक्वल के तौर पर सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई थी, 8 मई से Netflix पर स्ट्रीम होने वाली है।

 

कृष्णदास मुरली द्वारा निर्देशित, इस फिल्म की कहानी शशिधरन नायर के परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है, जो खुद को एक तनावपूर्ण स्थिति में फंसा हुआ पाते हैं। फिल्म की कास्ट में सूरज वेंजारामूडु, संतोष नायर, विनय फोर्ट और जगदीश सहित कई अन्य कलाकार शामिल हैं।

 

संतोष नायर का शुरुआती जीवन

12 नवंबर, 1960 को तिरुवनंतपुरम में जन्मे संतोष केशवन नायर का पालन-पोषण एक ऐसे परिवार में हुआ, जिसकी जड़ें शिक्षा से जुड़ी थीं। उनके पिता, सी.एन. केशवन नायर, एक रिटायर्ड हेडमास्टर थे और उनकी माँ, पी. राजलक्ष्मीअम्मा, एक रिटायर्ड टीचर थीं। उन्होंने अपने बचपन का ज़्यादातर समय पेटा में अपनी दो बहनों के साथ बिताया, और कुछ समय तक, जब उनके माता-पिता इथियोपिया में थे, तब उनका पालन-पोषण उनके नाना-नानी ने किया। उन्होंने सेंट जोसेफ्स हायर सेकेंडरी स्कूल में पढ़ाई की और बाद में महात्मा गांधी कॉलेज में गणित की पढ़ाई की। कॉलेज जीवन ने उन्हें छात्र राजनीति की ओर भी आकर्षित किया। जहाँ उनकी बहनें आगे चलकर स्त्री रोग विशेषज्ञ बनीं, वहीं संतोष ने एक बिल्कुल अलग रास्ता चुना और अभिनय के क्षेत्र में कदम रखा।

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