फोटो परिचय- कलेक्ट्रेट में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते अधिवक्ता।
– अधिवक्ता सुरक्षा कानून लागू करने और कल्याण राशि 25 लाख रुपये करने की मांग
– नए वकीलों को प्रोत्साहन भत्ता व वरिष्ठ अधिवक्ताओं के लिए मानदेय की उठाई मांग
– जिला बार एसोसिएशन की बुधवार को होने वाली हड़ताल के क्रम में सौंपा ज्ञापन
CITY NEWS FATEHPUR
फतेहपुर(CNF)। अधिवक्ताओं की सुरक्षा, आर्थिक सहायता और न्यायिक परिसरों में बेहतर सुविधाओं की मांग को लेकर जिला बार एसोसिएशन ने आंदोलन तेज कर दिया है। इसी क्रम में बुधवार को अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजा। ज्ञापन के माध्यम से प्रदेश सरकार से छह सूत्रीय मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील की गई।
जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष बाबू सिंह यादव एडवोकेट और महामंत्री अनुराग नारायण मिश्र के नेतृत्व में भेजे गए ज्ञापन में कहा गया कि पिछले माह कानपुर बार एसोसिएशन एवं लॉयर्स एसोसिएशन के प्रांतीय अधिवक्ता सम्मेलन में पारित प्रस्तावों के समर्थन में जिले के अधिवक्ता प्रत्येक बुधवार को हड़ताल कर रहे हैं। अधिवक्ताओं ने मांगों को पूरा करने के लिए सरकार से प्रभावी कदम उठाने की अपेक्षा जताई।
ज्ञापन में उत्तर प्रदेश में अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम शीघ्र लागू करने के साथ अधिवक्ता कल्याण निधि की धनराशि पांच लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। इसके अलावा नए अधिवक्ताओं को प्रोत्साहन भत्ता देने और 70 वर्ष की आयु पूरी कर चुके अधिवक्ताओं के लिए निर्धारित मानदेय की व्यवस्था करने की मांग की गई।
अधिवक्ताओं ने न्यायिक परिसरों में वकीलों की संख्या के अनुपात में बैठने की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए नए निर्माण और पुनर्निर्माण हेतु प्रदेश के बजट में धनराशि आवंटित करने पर जोर दिया। साथ ही अधिवक्ता अधिनियम में किसी भी तरह का संशोधन करने से पहले अधिवक्ता संगठनों से विचार-विमर्श करने की मांग रखी।
ज्ञापन में उत्तर प्रदेश अधिनियम-16, 2021 के तहत न्यायिक क्षेत्राधिकार को प्रशासनिक न्यायालय से वापस लेकर पूर्व व्यवस्था के अनुरूप दीवानी न्यायालय में तत्काल प्रभाव से बहाल करने की भी मांग शामिल रही।
इस दौरान ज्ञानेश प्रसाद तिवारी, अविनाश कुमार सिंह, सतीश शर्मा, हृदयराम श्रीवास्तव, सुयश मिश्रा, सुमित सिंह, दीपक गुप्ता, मणि प्रकाश दुबे, हंसराज सिंह, सुशील मिश्र, अमित सिंह, सुनील कुमार साहू, मजहर हुसैन, अमित कुमार दुबे, वागीश कुमार श्रीवास्तव, धनंजय सिंह यादव, अमित पाण्डेय और सुनील बाजपेई सहित अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।
