पूर्व पीएम नेहरू जी के चित्र पर पुष्प अर्पित करते कांग्रेसी।
– श्रद्धांजलि सभा में गूंजे आधुनिक भारत के निर्माता के किस्से
CITY NEWS FATEHPUR
फतेहपुर(CNF)। देश के प्रथम प्रधानमंत्री एवं आधुनिक भारत के शिल्पकार पंडित जवाहरलाल नेहरू की पुण्यतिथि पर बुधवार को ज्वालागंज स्थित कांग्रेस कार्यालय में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने नेहरू जी के तैल चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। श्रद्धांजलि सभा के दौरान नेहरू जी के राष्ट्र निर्माण में योगदान, उनकी दूरदर्शी सोच और देश के प्रति समर्पण को याद करते हुए नेताओं ने उन्हें भारत की मजबूती की नींव बताया।
सभा को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष महेश द्विवेदी ने कहा कि पंडित जवाहरलाल नेहरू ने अपना पूरा जीवन देश के विकास और भारत को विश्व पटल पर मजबूत पहचान दिलाने में लगा दिया। उन्होंने कहा कि आज कुछ लोग नेहरू जी के इतिहास को लेकर सवाल खड़े करने का प्रयास करते हैं, लेकिन यह देश उनके योगदान का सदैव ऋणी रहेगा। उन्होंने कहा कि भारत को आधुनिक सोच, बड़े संस्थान और विकास की नई दिशा देने का श्रेय नेहरू जी को जाता है। महेश द्विवेदी ने कहा कि नेहरू जी के दिल में भारत बसता था और उन्होंने राष्ट्रहित में अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उनके विचार और सिद्धांत आज भी करोड़ों देशवासियों को प्रेरणा देते हैं। शहर कांग्रेस अध्यक्ष मो0 आरिफ गुड्डा ने कहा कि नेहरू जी की दूरदर्शिता का ही परिणाम है कि आज देश में स्थापित बड़े-बड़े संस्थान विकास की धुरी बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि नेहरू जी का राष्ट्र प्रेम और लोकतांत्रिक सोच आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करती रहेगी। उनके व्यक्तित्व पर बोलना सूर्य को दीपक दिखाने जैसा है। सभा में पूर्व अध्यक्ष पप्पू पाल, इंजी. देवी प्रकाश दुबे, आदित्य श्रीवास्तव, राम नरेश महाराज, शहाब अली, राजीव लोचन निषाद, ओम प्रकाश कोरी, आरिफ खान, शकीला बानो, अजय बच्चा, कौशल कुमार शुक्ला, अकरम काले, राजीव श्रीवास्तव, अमीरउज्जमा खान, नजमी कमर, इन्द्रजीत लोधी, वकील खान, धर्मेंद्र सिंह, नाजिम राइन मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

ईरानी हमलों के बाद अमेरिकी सैनिकों की मौत से अमेरिका में बवाल मच चुका है। हाल ही में जॉर्डन के मुआफिक साल्ट एयरबेस पर ईरान ने एक विनाशकारी मिसाइल हमला किया था। इस हमले में अमेरिका की महज 19 साल के युवा प्राइवेट सैनिक ईसा बेला गोंजा लीस की दर्दनाक मौत हो गई। इसके साथ एक दूसरे सैनिक की भी मौत हो गई थी। इस घटना के बाद जहां एक तरफ अमेरिका और ईरान के बीच खाड़ी में युद्ध अलग ही लेवल पर पहुंच गया, वहीं दूसरी तरफ अमेरिकी जनता के भीतर अपनी ही सरकार के खिलाफ भारी गुस्सा भड़क गया। लोग सोशल मीडिया पर तीखे सवाल पूछ रहे हैं कि इतनी भयानक और विनाशकारी युद्ध के मैदान में 19 साल के एक सैनिक को भेजना क्या अमेरिकी जनरलों की भारी मूर्खता नहीं थी? इस एक मौत ने वाशिंगटन की युद्ध नीति की धज्जियां उड़ा कर रख दी और इसी लाचारी को छुपाने के लिए अमेरिका भी एक नया खेल खेलने लगा।

Call Now