कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करते एआईएमआईएम के कार्यकर्ता।
– राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन, छात्रों के भविष्य का हवाला देकर कार्रवाई रोकने की उठाई मांग
CITY NEWS FATEHPUR
फतेहपुर(CNF)। जौहर विश्वविद्यालय ध्वस्तीकरण के मुद्दे पर सियासत तेज हो गई है। सोमवार को ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। पार्टी ने विश्वविद्यालय पर की जा रही कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए कहा कि इससे हजारों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो सकता है।
कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित प्रदर्शन के दौरान जिलाध्यक्ष मोहीउद्दीन एडवोकेट ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि जौहर विश्वविद्यालय में सभी धर्मों के छात्र शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। ऐसे में विश्वविद्यालय से संबंधित कार्रवाई का सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई और उनके भविष्य पर पड़ेगा। प्रदर्शन के बाद पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में विश्वविद्यालय प्रकरण में निष्पक्ष हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा गया कि शिक्षा संस्थानों को राजनीतिक विवादों से दूर रखा जाना चाहिए और छात्रों के हितों को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। नेताओं ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को प्रभावित करने वाले किसी भी निर्णय से पहले छात्रों के भविष्य और जनहित को ध्यान में रखा जाना आवश्यक है। वहीं, प्रशासन की ओर से ज्ञापन को नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई के लिए संबंधित स्तर पर भेजे जाने का आश्वासन दिया गया। ज्ञापन देने वालों में कासिम सिद्दीकी, अमर सिंह एडवोकेट, मजहर एडवोकेट, मो0 अनवर, रियाज, जुबैर, अरबाज, यासमीन बेगम, बन्ने खां, अरशद, सलीम, नूर जहां, सना, रईसुन, मो0 साजिद, सीमा, वसीम खान, सुल्तान अहमद, चांद मोहम्मद आदि मौजूद रहे।
