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फोटो परिचय-  कलेक्ट्रेट में ज्ञापन भेजने के लिए एकत्र व्यापारी।

– यूपी इंडस्ट्री एसोसिएशन ने वित्त मंत्री को भेजा पत्र, प्रस्तावित एमडीआर शुल्क वापस लेने की मांग

– छोटे कारोबारियों के मुनाफे पर असर पड़ने और ग्राहकों पर महंगाई का बोझ बढ़ने की जताई आशंका

CITY NEWS FATEHPUR

फतेहपुर(CNF)। डिजिटल भुगतान व्यवस्था में यूपीआई के जरिए होने वाले लेन-देन पर प्रस्तावित 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) शुल्क को लेकर व्यापारियों ने विरोध जताया है। यूपी इंडस्ट्री एसोसिएशन ने इस व्यवस्था को कारोबारियों के लिए अतिरिक्त आर्थिक बोझ बताते हुए केंद्र सरकार से प्रस्ताव पर पुनर्विचार करने और इसे वापस लेने की मांग उठाई है।

एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष नरायन बाबू गुप्ता के नेतृत्व में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को भेजे गए पत्र में कहा गया कि डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। ऐसे में यूपीआई भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क लगाने की व्यवस्था व्यापारियों को नकद लेन-देन की ओर लौटने के लिए प्रेरित कर सकती है। इससे डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहित करने की मुहिम को झटका लगने की आशंका है।

पत्र में उल्लेख किया गया कि 0.4 प्रतिशत शुल्क की दर भले ही कम नजर आए, लेकिन रोजाना अधिक लेन-देन करने वाले कारोबारियों के लिए यह खर्च लंबे समय में बड़ी रकम बन सकता है। सीमित मुनाफे पर कारोबार करने वाले छोटे दुकानदारों के लिए यह व्यवस्था विशेष रूप से परेशानी का कारण बन सकती है। व्यापारियों का कहना है कि कारोबार की लागत बढ़ने से उनकी आमदनी प्रभावित होगी और इसका असर बाजार की गतिविधियों पर भी पड़ सकता है।

ग्राहकों की जेब पर भी पड़ सकता है असर

यूपी इंडस्ट्री एसोसिएशन ने आशंका जताई कि व्यापारियों पर बढ़ने वाले अतिरिक्त खर्च की भरपाई के लिए वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में बढ़ोतरी की जा सकती है। ऐसी स्थिति में शुल्क का अप्रत्यक्ष बोझ आम उपभोक्ताओं को भी उठाना पड़ सकता है। संगठन ने सरकार से व्यापारिक हितों के साथ डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने की नीति पर भी ध्यान देने का आग्रह किया है।

एसोसिएशन ने देश के करीब 12 करोड़ व्यापारी परिवारों के हितों का हवाला देते हुए वित्त मंत्री से प्रस्तावित शुल्क संबंधी निर्णय पर तत्काल पुनर्विचार कर इसे वापस लेने की मांग की। इस मौके पर दीपक साहू, दिलीप कुमार, मजहर अहमद गुड्डू, जयन्त श्रीवास्तव, आलोक कुमार गुप्ता सहित अन्य व्यापारी मौजूद रहे।

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