पौधरोण कर अभियान का आगाज करतीं राज्यमंत्री, नोडल अधिकारी व साथ में डीएम।
– एक पेड़ मां के नाम अभियान का आगाज, राज्यमंत्री, नोडल अधिकारी ने किया पौधरोपण
सिटी न्यूज फतेहपुर
फतेहपुर(CNF)। पर्यावरण संरक्षण को जनांदोलन बनाने के उद्देश्य से रविवार को जिले में वृक्षारोपण महायज्ञ 2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत 12वीं वाहिनी पीएसी परिसर में राज्यमंत्री कृष्णा पासवान, जनपद की नोडल अधिकारी डॉ. सारिका मोहन, जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स, पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक, मुख्य विकास अधिकारी पवन कुमार मीना समेत प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने हरिशंकरी, पीपल, बरगद व पाखड़ के पौधे रोपकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
राज्यमंत्री कृष्णा पासवान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से शुरू हुआ एक पेड़ माँ के नाम अभियान केवल पौधे लगाने का नहीं, बल्कि उन्हें संजोने और संरक्षित रखने का संकल्प है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल ने हर व्यक्ति को पेड़ों का महत्व समझाया। आज जो विशाल वृक्ष हमें छाया, शुद्ध हवा और औषधीय लाभ दे रहे हैं, वे हमारे पूर्वजों की धरोहर हैं। इसलिए प्रत्येक नागरिक को पौधे लगाकर उनकी बच्चों की तरह देखभाल करनी चाहिए। जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स ने बताया कि इस वर्ष जनपद को करीब 53 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य मिला है। इसके लिए सभी विभागों को लक्ष्य आवंटित कर कार्य योजना के अनुरूप अभियान चलाया जा रहा है। विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, मिशन-300 के तहत विकसित तालाबों के किनारे, विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर पौधरोपण कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक पेड़ माँ के नाम केवल एक अभियान नहीं, बल्कि मां के त्याग और वृक्षों के जीवनदायी स्वरूप को सम्मान देने का संदेश है। आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण देने के लिए पौधरोपण के साथ उसका संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है। भाजपा जिलाध्यक्ष ने भी लोगों से रक्षाबंधन, शिक्षक दिवस और जन्मदिन जैसे विशेष अवसरों पर एक पौधा लगाने और उसकी नियमित देखभाल करने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान चित्रकला, पोस्टर, निबंध एवं वाद-विवाद प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली चार छात्राओं को प्रशस्ति पत्र एवं उपहार देकर सम्मानित किया गया। वहीं एनसीसी कैडेटों और उपस्थित नागरिकों को भी पौधे वितरित किए गए। इस अवसर पर 12वीं वाहिनी पीएसी के सेनानायक, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), उप सेनानायक, सदर एसडीएम, परियोजना निदेशक डीआरडीए, डीसी एनआरएलएम, डायट प्राचार्य, तहसीलदार सहित बड़ी संख्या में अधिकारी, जनप्रतिनिधि, पुलिसकर्मी, छात्र-छात्राएं और नागरिक मौजूद रहे।
