पीड़ित शरीफुल हसन।
– पैसे मांगने गया तो दबंगों ने पीटा, एसपी से लगाई न्याय की गुहार
CITY NEWS FATEHPUR
फतेहपुर(CNF)। रिश्तों में विश्वास व जमीन के सौदे का खेल एक बार फिर विवाद की वजह बन गया। ललौली कस्बा के मोहल्ला नूरगंज निवासी शरीफुल हसन ने अपने ही साढ़ू पर भरोसा कर प्लॉट खरीदा, लेकिन रजिस्ट्री तो नहीं हुई, उल्टे लाखों रुपये फंस गए। आरोप है कि समझौते के तहत रुपये लेने पहुंचे पीड़ित के साथ दबंगों ने मारपीट कर जान से मारने की धमकी दी। थाना स्तर पर सुनवाई न होने से निराश पीड़ित पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक के दरबार पहुंचा और न्याय की गुहार लगाई।
पीड़ित शरीफुल हसन पुत्र फकीरे ने पुलिस अधीक्षक को दिए शिकायती पत्र में बताया कि उसके सगे साढ़ू मुमताज ने भरोसे में लेकर राधानगर थाना क्षेत्र के अंदौली पुलिया के पास मोईनुद्दीन पुत्र जहूरुद्दीन का एक प्लॉट दिलाया था। भरोसा दिलाया गया कि बाद में रजिस्ट्री करा दी जाएगी। इसी विश्वास में उसने पूरी रकम अदा कर प्लॉट पर निर्माण कार्य भी करा लिया। पीड़ित का आरोप है कि इसी दौरान साढ़ू मुमताज ने उससे 50 हजार रुपये उधार भी ले लिए। जब उसने रुपये वापस मांगे तो साढ़ू ने साफ कह दिया कि न रुपये लौटाएगा और न ही प्लॉट की रजिस्ट्री होने देगा। इसके बाद पीड़ित ने राधानगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया, जिसमें पुलिस विवेचना के बाद आरोप पत्र भी न्यायालय में दाखिल कर चुकी है। पीड़ित के अनुसार बाद में थाने में दोनों पक्षों के बीच समझौता हुआ, जिसमें आरोपियों ने प्लॉट की रकम और निर्माण पर खर्च हुए रुपये लौटाने का आश्वासन दिया। तय समझौते के अनुसार वह 29 जुलाई की रात करीब आठ बजे रुपये लेने अंदौली पहुंचा, लेकिन वहां रुपये देने के बजाय मोईनुद्दीन, वसीम, नसीम उर्फ मंटन और अन्य लोगों ने उसके साथ लात-घूंसों से मारपीट कर दी। दोबारा रुपये मांगने पर जान से मारने की धमकी दी। शोर सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने किसी तरह बीच-बचाव कर उसकी जान बचाई। पीड़ित का कहना है कि अगले दिन वह राधानगर थाने पहुंचा, लेकिन वहां उसकी शिकायत पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद वह पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा और पूरे मामले के साक्ष्य प्रस्तुत कर न्याय की मांग की। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि मारपीट में शामिल वसीम के खिलाफ पहले से कई गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, जिसके कारण उसे अपनी और परिवार की सुरक्षा को लेकर भय बना हुआ है।
