नाइस पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आगमन की तस्वीरें साझा करते हुए कहा कि उनकी यात्रा केवल नाइस तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें एवियां और पेरिस भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इस दौरान कई महत्वपूर्ण बैठकों और कार्यक्रमों में भाग लिया जाएगा, जिनका उद्देश्य भारत और उसके प्रमुख विकास सहयोगी देशों के बीच संबंधों को और मजबूत करना है।
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नाइस पहुंचने के बाद वहां रह रहे भारतीय समुदाय के लोगों से भी मुलाकात की। मौजूद जानकारी के अनुसार यात्रा के दौरान वह कई वैश्विक नेताओं के साथ अलग-अलग मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
इस दौरे का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ होने वाली द्विपक्षीय बैठक को माना जा रहा है। दोनों नेता भारत और फ्रांस के बीच रणनीतिक, आर्थिक, रक्षा, प्रौद्योगिकी और नवाचार जैसे क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा करेंगे। गौरतलब है कि इसी वर्ष दोनों देशों के संबंधों को विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक पहुंचाया गया था।
राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नाइस में आयोजित होने वाले “भारत इनोवेट्स 2026” कार्यक्रम का संयुक्त उद्घाटन भी करेंगे। यह कार्यक्रम भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष के तहत आयोजित किया जा रहा है। इस आयोजन में भारत के 120 नवोन्मेषक, 15 से अधिक उच्च शिक्षण संस्थान और 500 से ज्यादा निवेशक हिस्सा लेंगे। इसके अलावा दुनिया की कई बड़ी कंपनियों के प्रमुख और उद्योग जगत के वरिष्ठ प्रतिनिधि भी इसमें मौजूद रहेंगे। यह आयोजन भारतीय गहन प्रौद्योगिकी आधारित नवाचारों और नवोद्यमों को वैश्विक निवेशकों से जोड़ने का एक बड़ा मंच माना जा रहा है।
मौजूद जानकारी के अनुसार इस कार्यक्रम में विदेश मंत्री एस. जयशंकर और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल भी प्रधानमंत्री के साथ मौजूद रह सकते हैं।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 16 और 17 जून को एवियां में आयोजित होने वाले जी-7 शिखर सम्मेलन में भी भाग लेंगे। फ्रांस ने भारत सहित ब्राजील, मिस्र, केन्या और दक्षिण कोरिया को विशेष आमंत्रित देशों के रूप में बुलाया है। इस सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री विभिन्न देशों के नेताओं और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ वैश्विक चुनौतियों, आर्थिक सहयोग और भू-राजनीतिक मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे।
इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की संभावित मुलाकात पर भी सबकी नजरें टिकी हुई हैं। यदि यह बैठक होती है तो फरवरी 2025 में वाशिंगटन यात्रा के बाद दोनों नेताओं की यह पहली आमने-सामने की मुलाकात होगी। हाल के महीनों में ओमान के पास हुए एक हमले में भारतीय नाविकों की मौत और अन्य द्विपक्षीय मुद्दों को देखते हुए इस मुलाकात को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दौरे के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पेरिस में आयोजित होने वाले “वीवा टेक 2026” सम्मेलन में भी भाग लेंगे। यह यूरोप का सबसे बड़ा प्रौद्योगिकी और नवोद्यम आयोजन माना जाता है। यहां वह भारतीय समुदाय को भी संबोधित कर सकते हैं।
बता दें कि फ्रांस यात्रा के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्लोवाक गणराज्य की भी यात्रा करेंगे। 1993 में स्वतंत्रता प्राप्त करने के बाद यह पहली बार होगा जब कोई भारतीय प्रधानमंत्री स्लोवाक गणराज्य का दौरा करेगा। वहां प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको और राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी के साथ उनकी बैठकें निर्धारित हैं। इस दौरान दोनों देशों के बीच सहयोग के नए अवसरों पर चर्चा होने की उम्मीद है।