फोटो इन्टरनेट।
– पिज्ज़ा, बर्गर, चाऊमीन की चाह में सेहतमंद भोजन व नाश्ते से तौबा
सिटी न्यूज फतेहपुर
फतेहपुर(CNF)। बदलती जीवनशैली और भागदौड़ भरे दौर में फास्ट फूड का चलन लगातार बढ़ रहा है। बच्चों से लेकर युवाओं और कामकाजी लोगों तक, पिज्जा, बर्गर, चाउमीन, फ्रेंच फ्राइज और शक्करयुक्त पेय पदार्थों का सेवन आम होता जा रहा है। हालांकि स्वाद और सुविधा के कारण पसंद किए जाने वाले ये खाद्य पदार्थ लंबे समय में स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकते हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि फास्ट फूड में अधिक मात्रा में वसा, नमक, चीनी और कैलोरी होती है, जबकि शरीर के लिए आवश्यक पोषक तत्व अपेक्षाकृत कम होते हैं। इसका नियमित सेवन मोटापा, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, फैटी लिवर और पाचन संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार बच्चों और किशोरों में फास्ट फूड की बढ़ती आदत भविष्य में कई स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है। इसलिए अभिभावकों को बच्चों के खान-पान पर विशेष ध्यान देना चाहिए और घर का ताजा एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना चाहिए।
सेहतमंद रहने के लिए अपनाएं ये उपाय
– फास्ट फूड का सेवन सीमित मात्रा में करें।
– रोजाना मौसमी फल और हरी सब्जियां खाएं।
– पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
– नियमित व्यायाम या कम से कम 30 मिनट पैदल चलें।
– घर का ताजा और संतुलित भोजन प्राथमिकता दें।
– मीठे पेय व अत्यधिक तले-भुने खाद्य पदार्थों से बचें।
– पर्याप्त नींद लें और तनाव को नियंत्रित रखें।
बीमारियों का बढ़ता खतरा
फास्ट फूड में कैलोरी और अस्वस्थ वसा अधिक होती है। नियमित सेवन से वजन तेजी से बढ़ सकता है और मोटापे का खतरा बढ़ता है। अधिक नमक और ट्रांस फैट वाले खाद्य पदार्थ उच्च रक्तचाप, बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल और हृदय रोग का जोखिम बढ़ा सकते हैं। शक्करयुक्त पेय और अत्यधिक प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों का बार-बार सेवन टाइप-2 मधुमेह का खतरा बढ़ा सकता है। फास्ट फूड की आदत बच्चों में मोटापा, पोषण की कमी और कम उम्र में जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों का कारण बन सकती है।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि और अच्छी जीवनशैली अपनाकर फास्ट फूड के दुष्प्रभावों से काफी हद तक बचा जा सकता है। स्वस्थ शरीर ही बेहतर जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है- डॉ. एनके सक्सेना, फिजीशियन, जिला अस्पताल।
