प्रेमनगर चौराहे पर विवाद करते किन्नरों के गुट।
प्रेमनगर चौराहे पर कहासुनी के बाद हाथापाई, पुलिस ने पहुंचकर कराया मामला शांत
बाहरी युवकों को साड़ी पहनाकर लाने का आरोप, पहचान को लेकर भी हुआ विवाद
सिटी न्यूज फतेहपुर
फतेहपुर(CNF)। सुल्तानपुर घोष थाना क्षेत्र के प्रेमनगर कस्बे में रविवार को बधाई नेग लेने के लिए तय क्षेत्र के बंटवारे को लेकर किन्नरों के दो गुटों के बीच विवाद हो गया। पहले दोनों पक्षों में कहासुनी हुई और कुछ ही देर में मामला हाथापाई तक पहुंच गया। मंडवा मोड़ पर दोनों पक्षों के आमने-सामने आने से राहगीरों और दुकानदारों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाकर स्थिति शांत कराई।
बताया गया कि प्रथम पक्ष की सपना सिंह यादव, अस्थायी निवासी आरामपुर बसई थाना सुल्तानपुर घोष और दूसरे पक्ष के महेश उर्फ महेक सरोज निवासी सलेमपुर मंडवा के बीच 11 अगस्त को उनके गुरु भाइयों की मौजूदगी में बधाई नेग लेने के क्षेत्र का आपसी बंटवारा हुआ था। कथित समझौते के अनुसार सपना पक्ष को सुल्तानपुर घोष से एकाउनागढ़ मजरे रसूलपुर भंडरा तक, जबकि महेक पक्ष को मोहम्मदपुर गौती कसार से अफोई जनपद सीमा तक का क्षेत्र दिया गया था।
रविवार को महेक पक्ष की ओर से सपना को फोन कर प्रेमनगर में ढोलक लगाकर बधाई नेग लेने की जानकारी दी गई। सपना पक्ष ने प्रेमनगर को अपने निर्धारित क्षेत्र का हिस्सा बताया। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते कहासुनी हाथापाई में बदल गई और मंडवा मोड़ पर हंगामा होने लगा।
सपना पक्ष ने आरोप लगाया कि विवाद के बाद महेक अपने साथ कौशाम्बी के अझुआ क्षेत्र से करीब 10 से 15 युवकों को साड़ी पहनाकर मौके पर लेकर आए। आरोप है कि इन लोगों ने सपना के साथ मारपीट की। जानकारी मिलने पर सपना की गुरु-बहन आरती श्रीवास्तव समेत खागा क्षेत्र से बड़ी संख्या में किन्नर मौके पर पहुंच गए। इसके बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही।
विवाद के दौरान सपना पक्ष की ओर से महेक के साथ आए कुछ लोगों के किन्नर नहीं होने का आरोप भी लगाया गया। इसको लेकर मौके पर पहचान को लेकर विवाद बढ़ गया। हालांकि, किसी व्यक्ति की पहचान अथवा किन्नर होने या न होने संबंधी आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। इसी तरह दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर लगाए गए अन्य आरोपों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
हंगामे की सूचना मिलते ही सुल्तानपुर घोष थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाकर शांत कराया। पुलिस की मौजूदगी के बाद स्थिति सामान्य हो गई। मामले में लगाए गए आरोपों की वास्तविकता पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
