फोटो परिचय- मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर जुलूस निकालते कांग्रेस कार्यकर्ता।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग पर सड़क पर उतरे कांग्रेसी
महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा, प्रदर्शन को लेकर पुलिस रही अलर्ट
चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग, केंद्र सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
REPORT:- YASEEN WARSHI
CITY NEWS FATEHPUR
फतेहपुर(CNF)। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर गुरुवार को कांग्रेस ने शहर की सड़कों पर शक्ति प्रदर्शन किया। जिला एवं शहर कांग्रेस कमेटी के संयुक्त नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता सिंचाई विभाग के सर्किट हाउस से जुलूस की शक्ल में कलेक्ट्रेट पहुंचे। हाथों में नारे लिखी तख्तियां और जुबान पर सरकार विरोधी नारे रहे। ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ के नारों से पूरे रास्ते राजनीतिक माहौल गरमाया रहा।
प्रदर्शन में महिलाओं की भी उल्लेखनीय भागीदारी रही। कांग्रेस कार्यकर्ताओं के जुलूस को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद कार्यकर्ताओं ने चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर जमकर आवाज उठाई।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष महेश द्विवेदी ने कहा कि कांग्रेस लगातार चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूचियों को लेकर सवाल उठाती रही है। उनका आरोप था कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर उठ रहे सवालों के बावजूद केंद्र की भाजपा सरकार मुख्य निर्वाचन आयुक्त का बचाव कर रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव व्यवस्था पर जनता का भरोसा सबसे महत्वपूर्ण है और उठ रहे सवालों का पारदर्शी ढंग से जवाब मिलना चाहिए।
शहर कांग्रेस अध्यक्ष मो. आरिफ गुड्डा ने कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर पार्टी का आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने विपक्षी नेताओं को अपनी बात रखने से रोके जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर विषय है। उन्होंने राहुल गांधी समेत विपक्षी सांसदों को मुख्य निर्वाचन आयुक्त से मिलने जाते समय रोके जाने का भी मुद्दा उठाया।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से संबंधित शिकायतों की निष्पक्ष जांच और समाधान होना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन में कलीम उल्ला सिद्दीकी, शिवाकांत तिवारी, मणि प्रकाश दुबे, राजू लोधी, देवी प्रकाश दुबे, पुत्तन मिश्रा, अरुण जायसवाल, सैयद सहाब अली, आदित्य श्रीवास्तव, मोहसिन खान, वकील खान, नवनीत तिवारी, रामनरेश महाराज, ओम प्रकाश कोरी, शादाब सभासद, राजीव लोचन निषाद, जेपी पासवान, बसीर अहमद, इशरत खान, उदित अवस्थी, आरिफ खान, राजेन्द्र लोधी, अजय बच्चा, कौशल कुमार शुक्ला, मो. हफीज, इंद्रजीत लोधी, मो. इलियास, मो. इस्माइल, अब्दुल रज्जाक, शेर आलम, नजमी कमर, अशोक दुबे और हम्माद हुसैन समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

