फोटो परिचय- बिंदकी तहसील परिसर में धरना दे रहे किसानों से वार्ता करते अधिकारी।
– मुकदमों की वापसी से लेकर धान खरीद में कटौती रोकने तक उठीं आवाजें
– खाद-बीज की किल्लत, अन्ना मवेशियों और बिजली संकट पर किसानों ने घेरा प्रशासन
CITY NEWS FATEHPUR
बिंदकी, फतेहपुर(CNF)। किसानों की समस्याओं और लंबित मांगों को लेकर गुरुवार को बिंदकी तहसील परिसर में भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) की महापंचायत ने प्रशासन की मुश्किलें बढ़ा दीं। बड़ी संख्या में जुटे किसानों ने एक-एक कर अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं और तत्काल समाधान की मांग को लेकर आवाज बुलंद की। माहौल गरमाने के बाद एसडीएम बिंदकी, पुलिस उपाधीक्षक बिंदकी और तहसीलदार मौके पर पहुंचे तथा किसानों से सीधी वार्ता कर उनका ज्ञापन लिया।
महापंचायत में जिलाध्यक्ष राजकुमार सिंह गौतम मुख्य अतिथि रहे, जबकि किसान नेता अंकित सिंह चैहान ने किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। तहसील अध्यक्ष सुधीर प्रताप सिंह गौतम उर्फ बबलू सिंह की अगुवाई में किसानों ने प्रशासन के सामने मांगों की लंबी फेहरिस्त रखी।
किसानों ने 16 सितंबर को सड़क जाम के मामले में दर्ज मुकदमों को वापस लेने के साथ संगठन कार्यकर्ता सुशील के खिलाफ दर्ज मुकदमा समाप्त करने की मांग की। धान खरीद व्यवस्था पर भी किसानों ने सवाल उठाते हुए खरीद केंद्रों के कांटे सुचारु रूप से चलाने और बोरे में कम से कम दस कुंतल धान के सत्यापन की व्यवस्था सुनिश्चित कराने की मांग की।
खाद की सोसायटी बंद, किसान परेशान
अमौली ब्लॉक के चांदपुर गांव में करीब दो दशक से बंद पड़ी खाद की सोसायटी को तत्काल चालू कराने की मांग भी जोरदार ढंग से उठी। किसानों ने कहा कि खाद की उपलब्धता न होने से खेती प्रभावित हो रही है। सोसायटियों पर डीएपी समेत अन्य उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता कराने की मांग की गई।
अन्ना मवेशियों और जंगली जानवरों का मुद्दा भी गरमाया
किसानों ने बताया कि जंगली जानवरों और अन्ना पशुओं से खेतों में खड़ी फसलों को लगातार नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने क्षेत्र में तत्काल गौशाला शुरू कराने की मांग की, ताकि फसलों को बर्बाद होने से बचाया जा सके।
बिजली और मंडी व्यवस्था पर भी किसानों का आक्रोश
किसानों ने घरेलू फीडर की बिजली शाम पांच बजे से रात दस बजे तक बाधित न किए जाने की मांग रखी। सरकारी बीज भंडारों पर किसानों के शोषण का आरोप लगाते हुए पर्याप्त बीज उपलब्ध कराने की मांग की गई। बिंदकी मंडी में आढ़तियों द्वारा कथित दो प्रतिशत टीडीएस कटौती बंद कराने, छह आर काटे जाने तथा धान में किसी भी प्रकार की कटौती नहीं किए जाने की मांग भी रखी गई।
इसके अलावा हरदौलपुर रेलवे क्रॉसिंग पर 62सी अंडरपास बनाए जाने की मांग ने भी जोर पकड़ा। किसानों का कहना था कि रेलवे लाइन पार करते समय हादसे का खतरा बना रहता है, इसलिए अंडरपास का निर्माण बेहद जरूरी है।
महापंचायत के दौरान किसानों ने स्पष्ट किया कि समस्याओं का समयबद्ध समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। अधिकारियों ने किसानों को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों को संबंधित विभागों तक भेजकर नियमानुसार कार्रवाई कराई जाएगी।
इस मौके पर प्रदीप सिंह चैहान, प्रीतम सिंह चंदेल, छोटे सिंह, दीपक गुप्ता, बब्लू सिंह, महेन्द्र सिंह भदौरिया, पुत्तन दुबे, रंजीत यादव, सुखीराम, अंगद सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
