नयी दिल्ली, नौ अक्टूबर दवा कंपनियां वित्त वर्ष 2027-28 से मुफ्त नमूनों तथा उपयोग की अवधि समाप्त होने पर नष्ट किए गए या बट्टे खाते में डाले गए सामान पर माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के तहत इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) ले सकेंगी। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता वाली जीएसटी परिषद ने बृहस्पतिवार को दवा उद्योग के लिए आईटीसी को युक्तिसंगत बनाने और कर रिफंड व्यवस्था में सुधार के प्रस्तावों को मंजूरी दी थी। इन बदलावों से उद्योग के विनिर्माण, नकदी की उपलब्धता और निर्यात को समर्थन मिलने की उम्मीद है।

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