फोटो परिचय- ज्ञापन सौंपते भाकियू टिकैत गुट के पदाधिकारी।
– राष्ट्रपति को ज्ञापन भेज एसआईआर की प्रक्रिया में पारदर्शिता बरतने की मांग
CITY NEWS FATEHPUR
फतेहपुर(CNF)। मतदाता सूची से पात्र नागरिकों के नाम हटाए जाने की शिकायत को भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) ने गंभीरता से उठाया है। संगठन ने इस मामले में हस्तक्षेप की मांग करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन भेजा। इसमें मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान हुई कथित गड़बड़ियों की जांच कराने और प्रभावित लोगों को उनका मतदान का अधिकार दिलाने की मांग की गई।
भाकियू ने ज्ञापन में कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक पात्र नागरिक को मतदान का अधिकार मिलना चाहिए। मतदाता सूची में सुधार के नाम पर योग्य लोगों के नाम हटने से उन्हें चुनावी प्रक्रिया से बाहर होने का खतरा पैदा हो सकता है। ऐसे मामलों की जांच कर यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि नाम हटाने के पीछे क्या कारण रहे और निर्धारित नियमों का पालन किया गया या नहीं।
संगठन ने मांग की कि एसआईआर के तहत हटाए गए नामों का सत्यापित ब्योरा सार्वजनिक किया जाए, ताकि प्रभावित मतदाता अपनी स्थिति जान सकें। जिन लोगों के नाम सूची से हटाए गए हैं, उन्हें इसकी जानकारी देने के साथ आपत्ति और अपील दर्ज कराने की समुचित सुविधा उपलब्ध कराई जाए। जांच के बाद पात्र पाए जाने वाले नागरिकों के नाम मतदाता सूची में दोबारा शामिल करने की प्रक्रिया भी समयबद्ध ढंग से पूरी की जाए।
ज्ञापन में कमजोर और वंचित वर्गों के मतदाताओं की समस्याओं पर भी ध्यान देने की मांग की गई। भाकियू का कहना है कि दस्तावेजों की अनुपलब्धता या तकनीकी खामियों के कारण किसी योग्य नागरिक को उसके संवैधानिक अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। संगठन ने राष्ट्रपति से पूरे प्रकरण का संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच और जरूरी सुधार सुनिश्चित कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करने का अनुरोध किया।
