फोटो परिचय- अधिवक्ताओं के हितों और जनसमस्याओं के समाधान को लेकर मांगपत्र सौंपने वाले व्यवस्था परिवर्तन अधिवक्ता संगठन के पदाधिकारी एवं सदस्य।
– व्यवस्था परिवर्तन अधिवक्ता संगठन ने मुख्यमंत्री व जिलाधिकारी को भेजा मांगपत्र
– राजस्व विभाग में पारदर्शिता, लंबित मुकदमों के शीघ्र निस्तारण और अधिवक्ताओं को बेहतर बीमा सुविधा देने पर जोर
– कल्याणकारी सहायता राशि 5 लाख से बढ़ाकर 20 लाख रुपये करने की मांग
CITY NEWS FATEHPUR
फतेहपुर(CNF)। जिले में सब-रजिस्ट्रार कार्यालय के स्थान को लेकर व्यवस्था परिवर्तन अधिवक्ता संगठन ने प्रशासन के समक्ष नई मांग उठाई है। संगठन के अध्यक्ष श्रीराम पटेल की अगुवाई में मुख्यमंत्री एवं जिलाधिकारी को मांगपत्र भेजकर कार्यालय को कलेक्ट्रेट परिसर में स्थापित कराने, राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली में सुधार लाने और अधिवक्ताओं के लिए आर्थिक सुरक्षा की सुविधाएं बढ़ाने की मांग की गई है।
संगठन ने कहा कि सब-रजिस्ट्रार कार्यालय को पुरानी तहसील से स्थानांतरित करने का मुद्दा लंबे समय से उठता रहा है। पहले महापुर में कार्यालय स्थापित करने का प्रस्ताव सामने आया था, लेकिन विरोध के बाद उत्तरी जीटी रोड बाईपास पर स्थान निर्धारित किया गया। संगठन ने प्रस्तावित स्थल को शहर से करीब पांच किलोमीटर दूर बताते हुए वहां आवागमन और सुरक्षा संबंधी समस्याओं की आशंका जताई। मांग की गई कि बाईपास का प्रस्ताव निरस्त कर कार्यालय को कलेक्ट्रेट परिसर में स्थापित किया जाए, जिससे आम लोगों और अधिवक्ताओं को सुविधा मिल सके।
मांगपत्र में राजस्व विभाग में कथित भ्रष्टाचार और कार्यों में देरी का मुद्दा भी उठाया गया। संगठन ने राजस्व कर्मियों की जवाबदेही निर्धारित करने, लंबित राजस्व वादों का समयबद्ध निस्तारण कराने तथा मामलों में अनावश्यक देरी रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था लागू करने की मांग की।
अधिवक्ताओं की सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा को लेकर संगठन ने प्रदेश सरकार से एक करोड़ रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा बीमा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग रखी। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश कल्याणकारी न्यासी समिति के माध्यम से सेवानिवृत्ति अथवा मृत्यु की स्थिति में मिलने वाली सहायता राशि को पांच लाख रुपये से बढ़ाकर कम से कम 20 लाख रुपये किए जाने की मांग की गई।
संगठन ने सरकार और जिला प्रशासन से सभी मांगों पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक कदम उठाने की अपील की है। इस दौरान बाबूलाल करुणाकर, मोहम्मद आसिफ, मोइन अहमद, बलराम यादव, पीके उमराव, रामकिशोर विश्वकर्मा, नुज़ूल अख्तर, अशोक कुमार पटेल समेत तमाम अधिवक्ता मौजूद रहे।
