समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की मतदाता सूचियों में गड़बड़ी का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि एक ही महिला का नाम कई बार दर्ज है। उन्होंने चुनाव आयोग से सतर्क रहने की अपील की है, ताकि 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले ‘वोट की चोरी’ को रोका जा सके। लखनऊ में पत्रकारों से बातचीत करते हुए यादव ने बताया कि सचिन नाम के एक पार्टी कार्यकर्ता ने मतदाता सूची की जांच की, जिसमें ‘फूलमती सूरज’ का नाम कई जगहों पर दर्ज मिला। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान इस तरह की गड़बड़ियों का गलत फायदा उठाया जा सकता है। साथ ही, उन्होंने बताया कि इस बारे में बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) को जानकारी दे दी गई है।

उन्होंने कहा, “फूलमती… उनके वोट कई जगहों पर पाए गए। फूलमती का मतलब है कमल। फूलमती जी को शायद सिर्फ अपने एक वोट के बारे में पता हो: कि वह जाकर अपना एक वोट देंगी। लेकिन फूलमती के बाकी सभी वोट, बीजेपी कमल के निशान पर डाल देगी। सचिन ने यह जानकारी BLO (बूथ लेवल ऑफिसर) को दे दी है। यादव ने आगे कहा कि हमें उम्मीद है कि BLO इन वोटों को हटा देगा, और चुनाव आयोग भी अपनी आँखें और कान पूरी तरह खुले रखेगा ताकि उत्तर प्रदेश में वोटों की चोरी न हो सके।

जब उनसे कई आवेदनों के कारण डुप्लिकेट प्रविष्टियां (duplicate entries) बनने की संभावना के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि हो सकता है कि मेरी यह जानकारी गलत हो। मुझसे गलती हो सकती है, लेकिन जब दिल्ली चुनावों को लेकर चर्चा हुई थी, तो पता चला कि चुनाव आयोग में एक महिला अधिकारी इस सॉफ्टवेयर पर काम कर रही हैं। उन्होंने मतदाता सूची के प्रबंधन में एक निजी कंपनी की भागीदारी पर भी सवाल उठाया और कहा कि ऐसा कैसे हो सकता है कि कोई निजी कंपनी मिलीभगत करके भाजपा के लिए काम करे? यह हमारे लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा बन गया है।

यादव ने भाजपा पर संवैधानिक सिद्धांतों को कमजोर करने का आरोप लगाया और मीडिया से आग्रह किया कि वे राजनीतिक विमर्श (narratives) की रिपोर्टिंग करते समय सावधानी बरतें। उन्होंने चेतावनी दी, इन चालों के झांसे में न आएं, वरना एक दिन आप खुद ही डूब जाएंगे। उनका इशारा उन विमर्शों की ओर था, जिन्हें भाजपा के इशारे पर व्हाट्सएप और अन्य माध्यमों से फैलाया जा रहा है।

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