फोटो परिचय- जूम बैठक के जरिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देतीं जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स।
– दीपावली पर अग्निकांड रोकने के लिए डीएम ने कसी अधिकारियों की लगाम
– एसडीएम, लेखपाल और कानूनगो को सौंपी गई नियमित जांच की जिम्मेदारी
CITY NEWS FATEHPUR
फतेहपुर(CNF)। दीपावली के दौरान आतिशबाजी की बिक्री के बीच किसी भी तरह की आगजनी की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा इंतजामों की निगरानी तेज कर दी है। पटाखा बाजारों में मानकों की अनदेखी रोकने के लिए जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स ने अधिकारियों को स्पष्ट हिदायत दी है कि दुकानों के संचालन में सुरक्षा नियमों का उल्लंघन मिलने पर लापरवाही न बरती जाए।
बुधवार को आयोजित ऑनलाइन समीक्षा बैठक में डीएम ने सदर, बिंदकी और खागा तहसीलों के उपजिलाधिकारियों को आतिशबाजी की स्थाई और अस्थाई दुकानों का सत्यापन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक दुकान में निर्धारित सुरक्षा मानकों की जांच हो और मानकों के अनुपालन की पुष्टि के बाद ही संचालन सुनिश्चित कराया जाए।
आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए अग्निशमन विभाग के साथ बेहतर तालमेल रखने पर भी जोर दिया गया। डीएम ने अधिकारियों को फायर विभाग के संबंधित कर्मचारियों के नाम और मोबाइल नंबर उपलब्ध रखने तथा नगर निकायों से पटाखा दुकानों की सूची लेकर उनकी सुरक्षा व्यवस्था की पड़ताल करने को कहा। साथ ही नगर क्षेत्रों में स्थापित फायर हाइड्रेंट की क्रियाशीलता जांचने के निर्देश भी दिए।
जिलाधिकारी ने संवेदनशील स्थानों पर राजस्व कर्मियों की जिम्मेदारी तय करते हुए लेखपालों और कानूनगो को नियमित निरीक्षण करने को कहा। वहीं एसडीएम को संबंधित क्षेत्राधिकारी के साथ बाजारों में पैदल भ्रमण कर सुरक्षा प्रबंधों का जायजा लेने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
डीएम ने आतिशबाजी विक्रेताओं को भी आगाह किया कि दुकानों में ज्वलनशील सामग्री न रखें और अग्नि सुरक्षा से जुड़े सभी प्रावधानों का पालन करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि त्योहार की खुशियों के बीच नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रशासन का प्रयास है कि दीपावली पर पटाखों की बिक्री व्यवस्थित रहे और जनपद में किसी भी अप्रिय घटना की नौबत न आए।
