आपको याद होगा कि कुछ दिन पहले अमेरिका के इलनॉय शहर में एक अमेरिकी लड़का हिंदू मंदिर पर बहुत बड़ा हमला करने वाला था। लेकिन आखिरी वक्त में उसकी राइफल खराब हो गई। अब आपको यह चमत्कार लगे या सिर्फ संयोग वो आप तय कीजिए। लेकिन अमेरिका के ही टेक्सास शहर में इस 90 फीट ऊंची हनुमान प्रतिमा ने जो चमत्कार किया है वो होश उड़ाने वाला है। कुछ लोग इसे भी संयोग कह सकते हैं लेकिन कईयों का कहना है कि यह चमत्कार है। अमेरिकी मिड टर्म चुनावों से पहले इस हनुमान प्रतिमा को गिराने की धमकियां दी जा रही थी। लेकिन जिस जमीन पर यह हनुमान प्रतिमा खड़ी है, वह जमीन 36 साल बाद पूरी तरह से पलट गई है। कुछ महीनों पहले अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो कोलकाता स्थित मिशनरीज ऑफ चैरिटी नाम की संस्था में गए थे। इस संस्था पर धर्मांतरण के आरोप लग चुके हैं। पूरा अमेरिका मदर टेरेसा की इस संस्था को बचाने के लिए अपनी जान लगा चुका है। चाहे फिर वो डेमोक्रेटिक पार्टी हो, रिपब्लिकन पार्टी हो या अमेरिकी लोग। सब चाहते हैं कि कोलकाता में धर्मांतरण के आरोप झेल रही मिशनरीज ऑफ चैरिटी नाम की संस्था को विदेशी चंदा मिलता रहे। भारत सरकार एफसीआरए कानून में संशोधन ना करें। सोचिए इस संस्था को बचाने के पीछे अमेरिका का क्या मकसद होगा?
अमेरिकी डीप स्टेट ने भारत और खासतौर पर नॉर्थ ईस्ट में कितने चर्च बनाए हैं वो किसी से नहीं छिपा। जब अमेरिका भारत में जमकर मिशनरियों को बचा रहा है, तो उसे टेक्सास में लगी इस हनुमान प्रतिमा से इतनी नफरत क्यों है? मजे की बात देखिए कि कुछ दिनों पहले हजारों कट्टरपंथी बांग्लादेश में बन रही 81 फीट की राम प्रतिमा को गिराने भी पहुंचे थे। लेकिन आज इन बांग्लादेशियों की हालत देखिए। इन्हीं की सेना इन्हें सड़कों पर दौड़ा दौड़ा कर पीट रही है। इन बांग्लादेशियों के पास नौकरी नहीं है। खाने के लिए पैसा नहीं है। बहरहाल यही काम ट्रंप का समर्थन करने वाले कट्टरपंथी भी करना चाहते थे। इन लोगों ने कहा था कि हमें एक बार चुनाव जीतने दो। उसके अगले दिन ही हनुमान प्रतिमा को गिरा देंगे। डॉनल्ड ट्रंप का एक समर्थक क्या लिख रहा था कि हम जीतेंगे और इस प्रतिमा को नीचे गिरा देंगे। दूसरे ट्रम्प समर्थक ने लिखा कि 90 फीट की यह हनुमान प्रतिमा हमारे देश पर कब्जा है। लेकिन आप इसे विधि का विधान ही कहिए कि यह सारे लोग आज माथा पीट-पीट कर रो रहे हैं। जिस टेक्सास शहर में पंचधातु से बनी 90 फीट की यह हनुमान प्रतिमा खड़ी है। उसी टेक्सास में डोनल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को सबसे शर्मनाक हार मिली है।
आपको बता दें कि टेक्सास शहर डोनाल्ड ट्रंप और उनके समर्थकों के लिए इज्जत का सवाल था। लेकिन अब इनकी इज्जत नीलाम हो गई है। आपको बता दें कि टेक्सास शहर में रिपब्लिकन पार्टी को कोई भी 36 सालों से नहीं हरा पाया है। लेकिन हनुमान प्रतिमा का अपमान इनके लिए श्राप बन गया। यह अपने सबसे मजबूत गढ़ में हार गए। जानकारी के लिए बता दें कि टेक्सास में पिछले 36 सालों से हमेशा रिपब्लिकन पार्टी का ही गवर्नर बनता आया है। लेकिन इस बार डेमोक्रेटिक पार्टी का उम्मीदवार गवर्नर बन गया। मजे की बात देखिए कि टेक्सास में गवर्नर के साथ-साथ सेनेट के भी चुनाव हो रहे थे। 31 साल बाद डेमोक्रेटिक उम्मीदवार ने रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार को हरा दिया।
