– ओवरलोडिंग पर योगी सरकार के आदेश फेल, माफिया का तगड़ा खेल जारी
-CITY NEWS FATEHPUR
असोथर, फतेहपुर(CNF)। बांदा की मरका खंड चार नंबर मोरम खदान शुरू होते ही फतेहपुर जिले में ओवर लोडिंग धड़ल्ले से जारी हो गई है। यह कब बंद होगी यह कोई नहीं जानता। क्योंकि इन ओवरलोडिंग करने वाले माफियाओं की सेटिंग इतनी मजबूत है जिसको तोड़ पाना बहुत ही मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है। जिसके कारण दो जिलों का प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर पाता है।
प्रदेश में प्रचंड बहुमत की भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने सख्त हिदायत देते हुए अधिकारियों से कहा था कि प्रदेश में ओवरलोडिंग का खेल पूरी तरह से बंद होना चाहिए जिसके बाद कुछ दिनों तक अधिकारियों ने सख्ती दिखाते हुए ओवरलोडिंग बंद करा दी लेकिन समय बीतने के साथ ही पुनः अन्य सरकारों की तरह इस सरकार में मोरम, गिट्टी ओवरलोड करके बड़े-बड़े ट्रेलर, डंपर, ट्रक व ट्रैक्टर दिन रात धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं। ओवरलोडिंग करने वाले चालकों का साहस इतना है कि थाना चौकी के सामने से सीना चौड़ा करते हुए गाडियां निकाल रहे हैं। दो दिनों से सोशल मीडिया सहित तमाम चैनलों के माध्यम से ओवरलोडिंग के खिलाफ खबरें वायरल हो रही है जिसके बाद अधिकारियों के दौरे की खबर सुनते ही अधिकारियों की नजर से बचने के लिए ओवरलोड वाहनों के चालकों ने नया तरीका अपनाते हुए पूरी बाड़ी को तिरपाल से ढक कर वाहन निकालना शुरू कर दिया है जिससे अधिकारी यह समझ न पाए कि इसके अंदर क्या और कितना माल लोड है आखिरकार कुछ भी हो यह ओवरलोडिंग बंद होना बहुत ही मुश्किल लग रहा है क्योंकि एक कहावत है जब सैय्या भये कोतवाल तो डर काहे का। इस कहावत का मतलब जब पुलिस, खनिज, परिवहन तीनों विभाग का मोरम संचालकों से तगड़ा गठजोड़ है तो डर कैसा इसलिए बांदा जिले की मरका खदान से दिन रात सैकड़ों की संख्या में ओवरलोड वाहनों का आवागमन धड़ल्ले से फतेहपुर जिले के असोथर थाना क्षेत्र के रामनगर कौहन, जरौली, असोथर, सरांय, टीकर, थरियांव थाना क्षेत्र के मीरपुर, बहरामपुर, थरियांव मार्ग होकर हाईवे द्वारा प्रयागराज, रायबरेली, लालगंज, प्रतापगढ़ जिले तक जा रहे हैं। जिसमें अभी हाल ही में बनी नवनिर्मित सड़क ओवरलोड वाहनों के आवागमन से ध्वस्त हो रही है।
अप्रोच मार्ग पर दौड़ने लगे ओवरलोड वाहन
पन्द्रह वर्षों के लम्बे इंतजार के बाद दो जिलों को जोड़ने वाले पुल की सौगात मिली है जिसका अभी अप्रोच मार्ग, रेलिंग की पुताई, लाईट का कार्य अभी पूर्ण नहीं हुआ न ही कोई आधिकारिक घोषणा हुई है लेकिन ओवरलोड वाहन इसमें दौड़ना शुरू हो गए हैं। जिसका कारण यह है कि मोरम संचालकों की लम्बी पहुंच व सेटिंग्स गेटिंग के चलते सारे नियम कानून दरकिनार करते हुए स्वयं से पैच वर्क कराकर ओवरलोडिंग का खेल पांच नवंबर से शुरू हो गया है। इस दौरान रोड से डामर का नामोनिशान मिट गया है। धूल मिट्टी इस कदर उड़ रही है कि मार्ग के किनारे वाले गांव के बाशिंदो का जीना दुश्वार है लेकिन इस सब चीजों को दरकिनार करते हुए मोरम संचालकों द्वारा मनमानी करते हुए चौबीसों घंटे ओवरलोड वाहनों को दौड़ाया जा रहा है।
