– मंदिर के भू-खण्डों पर दस-दस रुपये के स्टाम्प पर बनवा दिए गए व्यावसायिक भवन
– सन 2000 में बेंची गई थी एक और बेशकीमती संपत्ति
CITY NEWS FATEHPUR
फतेहपुर(CNF)। जिले के सिद्धशिवपीठ तांबेश्वर महादेव मंदिर के तथाकथित ट्रस्ट के कारनामे दशकों पहले से घपलेबाज़ी पूर्ण होने का एक और मामला प्रकाश में आया है। अधिवक्ता अभिषेक सिंह ने मुख्यमंत्री को भेजे गए शिकायती पत्र में कहा है कि छोटी बाजार (चैक) स्थित मंदिर की एक और संपत्ति का चार लाख रुपये में सौदा तय किया गया था, किन्तु वह रकम न तो बैंक खाते में जमा की गई और न ही उस रकम से कोई दूसरी संपत्ति ही मंदिर के पक्ष में ख़रीदी गई।
शिकायती पत्र में बताया गया कि न्यायालय अष्टम् अपर जनपद न्यायाधीश फतेहपुर रमेश चंद्र गुप्ता ने प्रकीर्ण वाद संख्या- 17/70/1998 सुखनिधान सिंह चैहान एडवोकेट बनाम जगदीश शरन रस्तोगी आदि के वाद में विगत 01 फ़रवरी 2000 को दिए गए फ़ैसले में उपरोक्त मंदिर ट्रस्ट के तत्कालीन अध्यक्ष सुखनिधान सिंह व सचिव ओम प्रकाश रस्तोगी आदि ने जगदीश शरन रस्तोगी, विष्णु स्वरूप रस्तोग़ी व राधेश्याम गुप्ता (भाजपा नेता/पूर्व मंत्री) को विपक्षी करार देते हुए दावा ज़ाब्ता दीवानी की धारा 90 एफ़ के तहत उपरोक्त मंदिर को शहर के मोहल्ला छोटी बाजार (चैक) स्थित पूर्व में दान की गई इमारत (मकान) एवं दुकान को बेंचने की अनुमति दी गयी थी। ट्रस्टियों ने अदालत से अनुमति मिलने के बाद आनन-फ़ानन में उपरोक्त अचल सम्पत्ति को जमील हसन के हाथों चार लाख रुपये में सौदा किया था। मुक़दमें में ट्रस्टियों ने इस सम्पत्ति का रख-रखाव करने में असमर्थता जताते हुए इसे बेंचने की अनुमति मांगी थी। शिकायतकर्ता का कथन है कि उक्त धनराशि को जमील हसन से नक़द प्राप्त किया गया था, जिसे न तो मंदिर ट्रस्ट के बैंक खाते में जमा किया गया और न ही मंदिर के पक्ष में कोई अन्य सम्पत्ति ही ख़रीदी गई? इसी कड़ी में तांबेश्वर मंदिर के निकट मुख्य सड़क पर महर्षि चैराहे-नंदी चैराहे के मध्य कभी मंदिर की संपत्तियों में शामिल रहे बेशकीमती अलग-अलग भू-खण्डों पर अवैध कब्ज़ा करके निर्माण करा लिए गये हैं, जिनमें निजी तौर पर करोड़ो का व्यवसाय हो रहा है। भाजपा के वयोवृद्ध नेता (पूर्व मंत्री) राधेश्याम गुप्ता ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं, जबकि पूर्व भाजपा ज़िलाध्यक्ष मुखलाल पाल कार्यवाहक अध्यक्ष हैं। इसके अलावा भाजपा के अयाह शाह विधायक विकास गुप्ता ट्रस्टियों में शामिल हैं। अन्य पदाधिकारियों में अनिल रस्तोगी व दीपक रस्तोगी पुत्रगण स्व. ओम प्रकाश रस्तोगी, विष्णु स्वरूप रस्तोगी, विजय शंकर रस्तोगी व सुधांशु श्रीवास्तव आदि शामिल हैं।
