शेयर बाज़ार में कई बार ऐसी घटनाएं होती हैं जो तर्क से परे होती हैं। ऐसा ही कुछ गुरुवार को लगातार दूसरे दिन देखने को मिला, जब Parle Industries Ltd के शेयरों में ज़बरदस्त तेज़ी जारी रही और यह 5% के अपर सर्किट पर पहुंच गया। इस तेज़ी के पीछे कोई बड़ा बिजनेस एग्रीमेंट या कॉर्पोरेट घोषणा नहीं है, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से जुड़ा एक वैश्विक वायरल वीडियो है। Bombay Stock Exchange (BSE) पर सुबह 10:03 बजे तक Parle Industries Ltd के शेयर 4.95% बढ़कर 5.51 रुपये प्रति शेयर हो गए।
पिछले सत्र में भी शेयर अपने अपर सर्किट की सीमा पर पहुंच गए थे, जब PM मोदी की इटली यात्रा के वीडियो ऑनलाइन वायरल हुए थे, जिनमें प्रधानमंत्री मेलोनी को Melody टॉफियां देते हुए दिखाई दे रहे थे। इन दृश्यों ने सोशल मीडिया पर लोकप्रिय “Melodi” मीम को फिर से ज़िंदा कर दिया और “Parle” नाम से जुड़े शेयरों में खुदरा निवेशकों की दिलचस्पी में अचानक उछाल ला दिया।
हालांकि, Parle Industries का Melody टॉफियों या Parle Products से कोई लेना-देना नहीं है। Parle Products एक निजी FMCG कंपनी है जो Parle-G, Monaco और KrackJack जैसे ब्रांडों के साथ-साथ Melody टॉफियां भी बनाती है। इस तेज़ी को बड़े पैमाने पर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही चर्चा के कारण हुई “गलत पहचान” वाली खरीदारी का मामला माना जा रहा है।
इस बीच, Parle Products ने कहा कि इस राजनयिक कदम के बाद उसके ब्रांड को जो सुर्खियां मिलीं, उससे वह हैरान रह गई।
India Today से बात करते हुए, Parle Products के उपाध्यक्ष मयंक शाह ने कहा कि PM मोदी द्वारा मेलोनी को Melody टॉफी उपहार में देने के बाद कंपनी “पूरी तरह से हैरान” रह गई थी। उन्होंने आगे कहा कि वीडियो वायरल होने के बाद से कंपनी ने क्विक कॉमर्स और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अपनी बिक्री में पहले ही तेज़ी देखी है।
शाह ने कहा कि Melody पहले से ही देश का सबसे ज़्यादा बिकने वाला टॉफी ब्रांड है और 200 से ज़्यादा देशों में बेचा जाता है। उन्होंने कहा कि हालिया वैश्विक ध्यान से विदेशों में भी मांग को बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
Parle Industries के शेयरों में इस ज़बरदस्त उछाल के बावजूद, कंपनी की ओर से कोई बड़ी कॉर्पोरेट घोषणा या व्यावसायिक विकास सामने नहीं आया है, जिससे इस तेज़ी की वजह समझी जा सके।
बाज़ार विशेषज्ञों ने कहा कि कम कीमत वाले स्मॉल-कैप शेयरों में अक्सर इस तरह की तेज़ी-आधारित गतिविधियां तब देखने को मिलती हैं, जब कोई वायरल घटना, जाना-पहचाना ब्रांड नाम या सोशल मीडिया ट्रेंड खुदरा निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींचता है।
