समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव एक धार्मिक कार्यक्रम के लिए अयोध्या पहुंचे जिससे राज्य में होने वाले चुनावों से पहले चर्चाएँ शुरू हो गई हैं। हालाँकि वे राम मंदिर नहीं गए, लेकिन उनका वहाँ जाना बीजेपी की आलोचनाओं और हालिया विवादों के बीच लोगों का भरोसा फिर से जीतने की एक राजनीतिक रणनीति का संकेत है। अयोध्या में सपा प्रत्याशी पवन पांडेय की कथा में शामिल होने पहुंचे अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती दी।
अखिलेश ने कहा कि अगर बड़े बड़े दावे करने वाले मुख्यमंत्री इतना ही आश्वस्त हैं तो खुद अयोध्या से चुनाव लड़कर दिखाएं। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी को आज अयोध्या से चुनाव लड़ने के लिए कोई उम्मीदवार ही नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे देश की संस्कृति इतनी महान है कि हम बचपन से ही रामायण और महाभारत सुनते रहते हैं। भागवत कथा के कार्यक्रम में हम लोगों को शामिल होने का मौका मिला। मैं सभी श्रद्धालुओं को बहुत बहुत शुभकामनाएं और बधाई देता हूं। सभी हरि भक्त मिलकर जय राधे श्याम जो कह रहे हैं, यही हमारे समाज की और देश की खूबसूरती है।
समाजवादी पार्टी के प्रमुख ने भी कहा कि अहंकार, सत्ता, भेदभाव, जाति, ऊंच-नीच, छुआछूत का वंदन आज हमारे सामने है। हमारे लिए तो जो प्रभु श्री राम हैं वही प्रभु श्री कृष्ण हैं और जो श्री कृष्ण हैं वही श्री राम हैं। कथा मन और मनोबल को बढ़ाने का काम करती है। भागवत कथा हमे ऐसा समाज बनाने की प्रेरणा देती है जिसमें भेदभाव का कोई स्थान नहीं है। उन्होंने कहा कि जो सुदर्शन चक्र है वो सज्जनों की रक्षा के लिए है, सज्जनों को डराने के लिए नहीं है। राज छल से नहीं, प्रेम से मिलता है।
पा नेता ने कहा कि जो प्रेम, दया और अपनापन नहीं रखता उसका अंत कंस की तरह होता है। भागवत कथा सदियों से चलती चली आ रही है और सदियों तक चलेगी। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में जब समाजवादी सरकार बनेगी तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कैसे अयोध्या की पहचान हो उसके लिए विकास को हम गति देने का काम करेंगे। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में समाजवादी सरकार होगी तो न आपके साथ भेदभाव होगा न आपका दुकान मकान उजाड़ा जाएगा।
