प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पांच देशों की कूटनीतिक यात्रा का अंतिम चरण इटली की राजधानी रोम में भारत और इटली के संबंधों के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ। प्रधानमंत्री मोदी ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और राष्ट्रपति सर्जियो मटारेला के साथ व्यापक वार्ता कर दोनों देशों के संबंधों को विशेष रणनीतिक साझेदारी के नए स्तर तक पहुंचाने का संकल्प व्यक्त किया। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ द्विपक्षीय मुलाकात के बाद संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि रोम को दुनिया में “अनंत शहर” के रूप में जाना जाता है और उनकी लोकसभा सीट काशी की पहचान भी इसी प्रकार की है। उन्होंने कहा कि जब दो प्राचीन सभ्यताएं मिलती हैं, तो बातचीत केवल किसी तय एजेंडे तक सीमित नहीं रहती, बल्कि उसमें इतिहास की गहराई, भविष्य की झलक और मित्रता की सहजता दिखाई देती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और इटली के बीच चर्चा केवल औपचारिक संबंधों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह साझा मूल्यों और दीर्घकालिक सहयोग की दिशा में आगे बढ़ रही है। बाइट।
प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा को दोनों देशों के संबंधों के लिए ऐतिहासिक दिन बताया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2000 के बाद यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली द्विपक्षीय इटली यात्रा है और इस यात्रा ने लंबे अंतराल को समाप्त करते हुए संबंधों को नई गति दी है। मेलोनी ने कहा कि भारत और इटली के संबंध अब निर्णायक चरण में पहुंच चुके हैं और दोनों देश स्वतंत्रता, लोकतंत्र तथा साझा भविष्य की सोच के आधार पर विशेष रणनीतिक साझेदारी को मजबूत कर रहे हैं।
हम आपको बता दें कि दोनों देशों ने रक्षा, समुद्री सुरक्षा, रणनीतिक प्रौद्योगिकी और आपूर्ति श्रृंखला जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है। संयुक्त बयान में कहा गया है कि भारत और इटली आतंकवाद, साइबर अपराध, मानव तस्करी, अंतरराष्ट्रीय अपराध नेटवर्क और मादक पदार्थों की तस्करी जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए मिलकर काम करेंगे। इसके साथ ही महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों की सुरक्षा और वैश्विक रणनीतिक स्थिरता को भी सहयोग का प्रमुख आधार बनाया जाएगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति सर्जियो मातारेला के साथ भी प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की। इस दौरान व्यापार, रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, नवाचार और संयुक्त रणनीतिक कार्य योजना 2025-2029 के तहत सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई। दोनों देशों ने दीर्घकालिक साझेदारी को और मजबूत करने का संकल्प दोहराया।
हम आपको यह भी बता दें कि भारत और इटली ने विनिर्माण तथा निवेश के क्षेत्र में भी नई संभावनाओं को रेखांकित किया। दोनों नेताओं ने कहा कि “मेड इन इटली” और “मेक इन इंडिया” पहल के बीच स्वाभाविक तालमेल मौजूद है। इटली की डिजाइन क्षमता, उन्नत विनिर्माण और तकनीकी विशेषज्ञता को भारत की इंजीनियरिंग प्रतिभा, उद्यमिता और तेज आर्थिक विकास के साथ जोड़कर नई औद्योगिक साझेदारी विकसित की जाएगी। दोनों देशों ने वर्ष 2029 तक द्विपक्षीय व्यापार को 20 अरब यूरो से आगे ले जाने का लक्ष्य रखा है।
रक्षा और अंतरिक्ष, मशीनरी, वाहन कलपुर्जे, औषधि, रसायन, वस्त्र, कृषि आधारित खाद्य उद्योग और पर्यटन को सहयोग के प्रमुख क्षेत्र माना गया है। दोनों पक्षों ने बताया कि एक हजार से अधिक भारतीय और इतालवी कंपनियां दोनों देशों में सक्रिय हैं, जिससे औद्योगिक एकीकरण लगातार मजबूत हो रहा है। यूरोपीय संघ और भारत के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते को भी व्यापार और निवेश बढ़ाने में महत्वपूर्ण बताया गया।
इटली में भारत की राजदूत वाणी राव ने कहा कि यह यात्रा भारत और इटली के बढ़ते और गहरे होते संबंधों का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि दोनों देश रक्षा निर्माण, बंदरगाह, प्रतिभा आदान-प्रदान, ऊर्जा सुरक्षा और प्रौद्योगिकी सहयोग जैसे क्षेत्रों में दीर्घकालिक साझेदारी विकसित करेंगे। भारत चाहता है कि इतालवी कंपनियां देश को केवल बाजार नहीं, बल्कि रणनीतिक और तकनीकी साझेदार के रूप में देखें।
हम आपको बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा ऐसे समय में हुई है जब भारत वैश्विक स्तर पर आपूर्ति श्रृंखला, समुद्री सुरक्षा, ऊर्जा परिवर्तन और उभरती प्रौद्योगिकियों में अपनी भूमिका मजबूत करने की दिशा में सक्रिय है। इटली के व्यापारिक समुदाय ने भी उम्मीद जताई है कि इस यात्रा से दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश संबंधों को नई मजबूती मिलेगी।
हम आपको बता दें कि रोम पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी का भारतीय समुदाय, सांस्कृतिक कलाकारों और स्थानीय समर्थकों ने भव्य स्वागत किया। प्रधानमंत्री ने बच्चों से मुलाकात की, ऑटोग्राफ दिए और भारतीय संस्कृति पर आधारित विशेष प्रस्तुतियां भी देखीं। इतालवी कलाकारों ने भारतीय शास्त्रीय संगीत से प्रेरित प्रस्तुतियां दीं, जबकि भारत में वर्षों तक रह चुकी एक इतालवी कथक कलाकार ने नृत्य के माध्यम से प्रधानमंत्री का स्वागत किया। प्रधानमंत्री मोदी ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ रात्रिभोज किया और उसके बाद दोनों नेताओं ने रोम के ऐतिहासिक कोलोसियम का भी दौरा किया। औपचारिक वार्ता से पहले ही दोनों नेताओं के बीच विभिन्न वैश्विक और द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा हुई। कुल मिलाकर देखें तो प्रधानमंत्री मोदी की इटली यात्रा ने वैश्विक स्तर पर सुर्खियां बटोरीं और भारत में इसे लेकर तमाम तरह की राजनीति भी हुई।
