देश के पूंजी बाजार में एक बार फिर बड़े सार्वजनिक निर्गमों को लेकर हलचल तेज हो गई है। लंबे समय से जिन दो नामों का निवेशक इंतजार कर रहे थे, वे अब बाजार में दस्तक देने की तैयारी में हैं। जियो प्लेटफॉर्म्स और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने बाजार नियामक सेबी के पास अपने प्रारूप दस्तावेज जमा कर दिए हैं। माना जा रहा है कि दोनों सार्वजनिक निर्गम मिलकर करीब 60 हजार करोड़ रुपये से अधिक की पूंजी जुटा सकते हैं।

मौजूद जानकारी के अनुसार, अरबपति उद्योगपति मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स लगभग 37,700 करोड़ रुपये का आईपीओ ला सकती है। यदि यह योजना तय समय पर पूरी होती है तो यह भारत के पूंजी बाजार के इतिहास का सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम बन सकता है।

 

दाखिल दस्तावेजों के अनुसार, जियो प्लेटफॉर्म्स 27 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी करेगी। यह निर्गम के बाद कंपनी की कुल हिस्सेदारी का लगभग 2.9 प्रतिशत होगा। बाजार विशेषज्ञों का अनुमान है कि निर्गम के बाद कंपनी का मूल्यांकन 12.5 लाख करोड़ रुपये से 13 लाख करोड़ रुपये के बीच हो सकता है। ऐसे में यह देश की सबसे मूल्यवान सूचीबद्ध कंपनियों में शामिल हो सकती है।

 

वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने भी करीब 30 हजार करोड़ रुपये के आईपीओ के लिए दस्तावेज दाखिल किए हैं। इस प्रस्ताव के तहत मौजूदा शेयरधारक लगभग 14.89 करोड़ शेयर बेचेंगे, जो एक्सचेंज में उनकी करीब 6 प्रतिशत हिस्सेदारी के बराबर है।

 

गौरतलब है कि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज देश का सबसे बड़ा शेयर बाजार मंच है। बाजार से जुड़े जानकारों के अनुसार इसके करीब 1.8 लाख शेयरधारक हैं और असूचीबद्ध बाजार में इसके शेयर 1,950 रुपये से 2,050 रुपये के दायरे में कारोबार कर रहे हैं। कंपनी का अनुमानित मूल्यांकन 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक बताया जा रहा है।

 

बता दें कि फिलहाल भारत के सबसे बड़े सार्वजनिक निर्गम का रिकॉर्ड हुंडई मोटर इंडिया के नाम है, जिसने 27,859 करोड़ रुपये जुटाए थे। इसके बाद भारतीय जीवन बीमा निगम, पेटीएम और टाटा कैपिटल जैसे बड़े निर्गमों का स्थान आता है। हालांकि इतिहास बताता है कि बड़े सार्वजनिक निर्गम हमेशा शुरुआती कारोबार में शानदार लाभ नहीं दे पाए हैं।

 

विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशकों को केवल सूचीबद्ध होने के दिन मिलने वाले संभावित लाभ पर ध्यान नहीं देना चाहिए। आनंद राठी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स लिमिटेड में मौलिक शोध प्रमुख नरेंद्र सोलंकी के अनुसार, किसी भी सार्वजनिक निर्गम की सफलता काफी हद तक उसके मूल्य निर्धारण पर निर्भर करती है। उनका मानना है कि निवेशकों को कंपनी की व्यावसायिक मजबूती, विकास की संभावनाएं, प्रतिस्पर्धी स्थिति और दीर्घकालिक मूल्यांकन पर अधिक ध्यान देना चाहिए।

 

सोलंकी का कहना है कि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज को बाजार में मजबूत पकड़, बेहतर लाभप्रदता और बढ़ती निवेशक भागीदारी का फायदा मिल रहा है। वहीं जियो प्लेटफॉर्म्स दूरसंचार, ब्रॉडबैंड, डिजिटल सेवाओं और उद्यम समाधान जैसे क्षेत्रों में लगातार विस्तार कर रही है, जिससे भविष्य में उसके विकास की संभावनाएं मजबूत दिखाई देती हैं।

 

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के वरिष्ठ शोध विश्लेषक विन्सेंट के. ए. का मानना है कि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का सार्वजनिक निर्गम निवेशकों को आकर्षित कर सकता है क्योंकि यह भारत के बढ़ते पूंजी बाजार से सीधे जुड़ा हुआ है। उनके अनुसार यह अल्पकालिक लाभ की बजाय दीर्घकालिक निवेश के नजरिए से अधिक महत्वपूर्ण अवसर साबित हो सकता है।

 

विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि इन दोनों बड़े सार्वजनिक निर्गमों के आने से पिछले कुछ महीनों से धीमे पड़े प्राथमिक बाजार को नई गति मिलेगी। पश्चिम एशिया में तनाव और वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण हाल के महीनों में नए निर्गमों की संख्या सीमित रही थी। ऐसे में जियो प्लेटफॉर्म्स और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के प्रस्तावित सार्वजनिक निर्गम भारतीय पूंजी बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकते हैं।

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