उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को कहा कि राज्य का लक्ष्य अगले दो से तीन साल में अपनी नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर 20,000 मेगावाट करना है। आदित्यनाथ ने जेवर में एसएईएल इंडस्ट्रीज के विनिर्माण संयंत्र की आधारशिला रखने के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में कहा कि उत्तर प्रदेश अभी नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से लगभग 6,000 मेगावाट बिजली पैदा कर रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘हमारा लक्ष्य अगले दो से तीन साल में उत्तर प्रदेश में 20,000 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन हासिल करना है। हम उस लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं।’’ मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में छह लाख से अधिक परिवार प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत छतों पर (रूफटॉप) सौर संयंत्र लगाकर ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर हो गए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘इन परिवारों को दिन में पर्याप्त बिजली मिलती है, जबकि रात में उनकी बिजली की खपत भी काफी कम हो गई है। उनके बिजली बिल 50 से 60 प्रतिशत तक कम हो गए हैं।’’

आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य में जिन नागरिकों ने ‘रूफटॉप’ सौर संयंत्र लगवाए हैं, वे मिलकर 2,000 मेगावाट से अधिक बिजली पैदा कर रहे हैं। इससे तापीय बिजली उत्पादन पर निर्भरता कम हो रही है। उन्होंने कहा, ‘‘नहीं तो, हमें इतनी बिजली तापीय बिजलीघरों के जरिये आपूर्ति करनी पड़ती। आज, प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत रूफटॉप सौर संयंत्र से उत्तर प्रदेश में 2,000 मेगावाट से ज्यादा बिजली पैदा हो रही है।’’ मुख्यमंत्री ने पश्चिम एशिया में संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने के कारण हाल में आए वैश्विक ऊर्जा संकट का जिक्र करते हुए कहा कि पेट्रोलियम आपूर्ति में रुकावटों ने दिखाया है कि कैसे ऊर्जा की कमी आर्थिक वृद्धि में बाधा डाल सकती है और महंगाई बढ़ा सकती है। उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी ने नवीकरणीय और हरित ऊर्जा के लिए एक मजबूत रणनीति अपनाई और दुनिया के देशों को पर्यावरण की दृष्टि से टिकाऊ भविष्य की दिशा में काम करने के लिए प्रोत्साहित किया।’’

आदित्यनाथ ने जैव ईंधन के क्षेत्र में राज्य की प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि एथनॉल मिश्रण नीति लागू होने के बाद उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा एथनॉल उत्पादक राज्य बन गया है। उन्होंने कहा कि राज्य का चीनी उद्योग आत्मनिर्भर हो गया है और अब देश का लगभग 55 प्रतिशत एथनॉल उत्पादन कर रहा है। उत्तर प्रदेश में देश में सबसे अधिक कंप्रेस्ड बायोगैस संयंत्र भी हैं और सरकार की योजना अगले साल के अंदर ऐसे 100 संयंत्र लगाने की है।

एसएईएल के निवेश का स्वागत करते हुए आदित्यनाथ ने कहा कि कंपनी 8,200 करोड़ रुपये के निवेश से कारखाना लगा रही है। उसकी योजना सालाना छह गीगावाट सौर सेल और पांच गीगावाट सौर मॉड्यूल विनिर्माण क्षमता स्थापित करने की है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से भारत का सौर विनिर्माण परिवेश मजबूत होगा, आयात पर निर्भरता कम होगी, हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियां सृजित होंगी। साथ ही एमएसएमई, लॉजिस्टिक, इंजीनियरिंग और तकनीकी पेशेवरोंके लिए नए मौके मिलेंगे। आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश निवेशकों को सुरक्षा, बुनियादी ढांचा और औद्योगिक विकास के लिए हर तरह की जरूरी मदद देता रहेगा।

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