एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह को पत्र लिखा है। अपने पत्र के साथ एक्स पोस्ट में उन्होंने लिखा कि सरकार से अपील। मेरा अनशन तोड़ने के संबंध में…एक बार सरकार से आश्वासन मिल जाने के बाद, मैं शांतिपूर्ण ढंग से विरोध कर रहे छात्रों से भी अपील करूंगा कि वे फिलहाल आंदोलन रोक दें और सरकार के साथ बातचीत शुरू करें। वहीं, पत्र में लिखा है कि कल रात अस्पताल में मुझसे मिलने और मेरा अनशन खत्म करने की आपकी ईमानदार अपील के लिए धन्यवाद।

इसके साथ ही वांगचुक ने कहा कि हमारी बातचीत के दौरान, आपने मुझे भरोसा दिलाया कि सरकार उन छात्रों के परिवारों के लिए उचित मुआवज़े पर सकारात्मक रूप से विचार करेगी जिन्होंने परीक्षा का पेपर लीक होने के बाद आत्महत्या कर ली थी, और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए संसद में सार्थक चर्चा होगी, जिसमें माननीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर विचार करना भी शामिल है। मैं सरकार से सम्मानपूर्वक यह स्पष्ट आश्वासन चाहता हूं कि इस आंदोलन में भाग लेने वाले किसी भी युवा प्रदर्शनकारी के खिलाफ कोई दंडात्मक या प्रतिशोधात्मक कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी।

 

उन्होंने कहा कि उनका एकमात्र अपराध एक निष्पक्ष और जवाबदेह शिक्षा प्रणाली के लिए आवाज़ उठाना रहा है। यदि ऐसा आश्वासन दिया जाता है, तो मैं इस विश्वास के साथ अपना अनशन समाप्त कर दूंगा कि सरकार ने न केवल मेरी अपील सुनी है, बल्कि लाखों युवा भारतीयों की आकांक्षाओं को भी सुना है। ऐसे आश्वासन के अभाव में, मैं अनिश्चित काल तक अपना अनशन जारी रखने के लिए मजबूर हो जाऊंगा। मुझे यह भी उम्मीद है कि आंदोलन को दबाने के लिए पुलिस बल का अत्यधिक प्रयोग नहीं किया जाएगा।

 

कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) ने बुधवार को सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से अपना अनिश्चितकालीन अनशन समाप्त करने की अपील करते हुए कहा कि उनके त्याग ने देशभर के छात्रों को प्रेरित किया है। कॉजपा ने यह भी आश्वासन दिया कि कथित परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन उसकी मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा। वांगचुक को संबोधित एक सार्वजनिक पत्र में कॉजपा ने उनसे अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने का आग्रह करते हुए परीक्षा न्याय के अभियान को आगे बढ़ाने का संकल्प जताया।

 

पत्र में कहा गया, पूरे सम्मान और कृतज्ञता के साथ हम आपसे अनुरोध करते हैं कि कृपया अपना अनशन समाप्त करें। आपके त्याग ने देशभर के हजारों छात्रों को प्रेरित किया है। वांगचुक कथित परीक्षा अनियमितताओं के मामले में जवाबदेही की मांग कर रहे छात्रों के समर्थन में पिछले 25 दिनों से अनिश्चितकालीन अनशन पर हैं। कॉजपा ने 20 जुलाई के संसद चलो मार्च का उल्लेख करते हुए कहा कि इस आंदोलन के समर्थन में विभिन्न राज्यों से छात्र दिल्ली पहुंचे थे।

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