12, 14 और 16 अक्टूबर को अलग-अलग स्थानों पर होंगे सामूहिक विवाह समारोह
पात्रता जांच से लेकर आयोजन स्थल की व्यवस्था तक अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारी
CITY NEWS FATEHPUR
फतेहपुर(CNF)। जिले में गरीब और जरूरतमंद परिवारों के बेटे-बेटियों के विवाह की राह आसान होने जा रही है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत इस वर्ष 995 जोड़ों के विवाह का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रशासन ने लक्ष्य पूरा करने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। तीन चरणों में आयोजित होने वाले इन समारोहों में बड़ी संख्या में वर-वधू सात फेरे लेंगे।
जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स ने सामूहिक विवाह कार्यक्रम के लिए विकासखंड एवं नगर निकायवार जिम्मेदारियां तय करते हुए आयोजन की तिथियां और स्थल निर्धारित कर दिए हैं। निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक 12, 14 और 16 अक्टूबर को जिले के विभिन्न स्थानों पर सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किए जाएंगे।
पहले चरण का आयोजन 12 अक्टूबर को बीएनयू मैरिज लॉन, पूरनपुर-अमौली रोड, जहानाबाद में होगा। इसमें अमौली, देवमई और खजुहा क्षेत्र के पात्र जोड़ों को शामिल किया जाएगा।
इसके बाद 14 अक्टूबर को अलग-अलग निर्धारित स्थलों पर विवाह समारोह होंगे। इनमें सर्वोदय इंटर कॉलेज गोपालगंज तथा आस्थामा मंदिर परिसर/सर्वोदय इंटर कॉलेज, असोथर सहित अन्य स्थल शामिल हैं। तीसरे चरण में 16 अक्टूबर को विकासखंड ऐरायां परिसर तथा ग्राम सुधवापुर, ग्राम पंचायत पौली, विकासखंड धाता में कार्यक्रम प्रस्तावित है। इसमें ऐरायां, हथगांव, धाता, विजयीपुर, भिटौरा सहित संबंधित नगर निकाय क्षेत्रों के पात्र जोड़ों को शामिल किया जाएगा।
प्रशासन ने सामूहिक विवाह योजना में पात्रता को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि किसी भी अपात्र व्यक्ति को योजना का लाभ नहीं मिलना चाहिए। इसके लिए सहायक विकास अधिकारी समाज कल्याण, ग्राम विकास अधिकारी समाज कल्याण और समाज कल्याण विभाग के पर्यवेक्षकों को विवाह की तिथि तक लाभार्थियों का गहन सत्यापन करने की जिम्मेदारी दी गई है।
सभी खंड विकास अधिकारियों और नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों को पात्र जोड़ों को कार्यक्रम की तिथि और आयोजन स्थल की जानकारी समय से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही विवाह स्थलों पर साफ-सफाई, पेयजल, बैठने की व्यवस्था और अन्य जरूरी इंतजाम पहले से पूरा कराने को कहा गया है। प्रशासन का जोर इस बात पर है कि तीनों चरणों के कार्यक्रम व्यवस्थित और पारदर्शी तरीके से संपन्न हों।
