– एडीजे-02 की अदालत ने सुनाया फैसला, दोनों दोषियों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना
– वर्ष 2016 में गाजीपुर थाने में दर्ज हुआ था हत्या का मुकदमा
CITY NEWS FATEHPUR
फतेहपुर(CNF)। करीब दस वर्ष पुराने हत्या के मामले में न्यायालय ने दो आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोनों पर 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। पुलिस की प्रभावी पैरवी और अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों के आधार पर शुक्रवार को एडीजे-02 की अदालत ने यह फैसला सुनाया।
मामला गाजीपुर थाना क्षेत्र के बड़नपुर गांव का है। वर्ष 2016 में गांव निवासी वादी की तहरीर पर बलराम सिंह उर्फ चट्टू सिंह और मलखान सिंह के खिलाफ अपने दादा की हत्या के आरोप में मुकदमा अपराध संख्या 177/2016 के तहत भारतीय दंड संहिता की धारा 302 में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। इसके बाद मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने आरोप साबित करने के लिए प्रभावी पैरवी की।
पुलिस महानिदेशक के निर्देश और पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक के निर्देशन में चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत मामले की लगातार निगरानी की गई। स्थानीय पुलिस, मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन पक्ष के समन्वित प्रयासों के बाद अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषसिद्ध करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।
मामले में प्रभावी पैरवी मॉनिटरिंग सेल प्रभारी निरीक्षक श्रवण कुमार सिंह ने की। पुलिस टीम में कांस्टेबल रोहित राजावत, जितेंद्र सिंह और विवेक कुमार शामिल रहे। वहीं, विवेचक उपनिरीक्षक अभय नारायण तिवारी, पैरोकार मुख्य आरक्षी प्रदीप कुमार पाल तथा कोर्ट मुहर्रिर महिला मुख्य आरक्षी श्वेता पटेल ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी प्रमिल कुमार श्रीवास्तव ने अदालत में पैरवी की।
