अलग-अलग स्थानों पर बारिश से गिरे कच्चे मकानों और जलभराव का दृश्य।
– नौ कच्चे मकान ढहे, गृहस्थी मलबे में दबी; बेघर परिवारों ने मांगी मदद
– खागा से लेकर सदर तहसील तक जलभराव से जनजीवन बेहाल
CITY NEWS FATEHPUR
फतेहपुर(CNF)। लगातार हो रही बारिश ने जिले के ग्रामीण इलाकों में मुसीबत बढ़ा दी है। पिछले 24 घंटे से जारी बारिश के बीच कई गांवों में कच्चे और जर्जर मकान भरभराकर गिर गए। जिले में करीब नौ मकानों के धराशायी होने से गरीब परिवारों की गृहस्थी उजड़ गई। मलबे में लकड़ी, बिस्तर, अनाज, कपड़े और बर्तन दबकर खराब हो गए। राहत की बात यह रही कि अधिकांश घटनाओं में परिवार के लोग समय रहते बाहर निकल गए और जनहानि नहीं हुई। अब प्रभावित परिवार प्रशासन से आर्थिक सहायता और आवास की मांग कर रहे हैं।
बुढ़वा में आधा दर्जन से अधिक मकान प्रभावित
अमौली ब्लॉक के बुढ़वा गांव में शनिवार रात बारिश के चलते जय कुमार द्विवेदी, रघुवेन्द्र सचान, सनीशियल सचान, जितेन्द्र सैनी और विजय कुमार के कच्चे मकान ढह गए। एक अन्य कच्चा मकान भी बारिश की मार नहीं सह सका। मकानों के गिरने से परिवारों की गृहस्थी मलबे में दब गई। हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन प्रभावित परिवारों के सामने सिर छिपाने का संकट खड़ा हो गया है। पीड़ितों ने प्रशासन से नुकसान का आकलन कराकर मुआवजा और आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग की है।
धाता और विजयीपुर में भी नहीं थमा सिलसिला
खागा तहसील क्षेत्र के धाता और विजयीपुर विकासखंड में भी कच्चे मकानों के गिरने का सिलसिला जारी रहा। धाता विकासखंड के कोट गांव निवासी मोहम्मद हनीफ का कच्चा मकान लगातार बारिश के कारण गिर गया। वहीं विजयीपुर विकासखंड के गाजीपुर गढ़ा गांव में जुल्फिकार का पुराना मकान भरभराकर धराशायी हो गया। मकान गिरने से अनाज, कपड़े, बर्तन समेत घरेलू सामान मलबे में दबकर खराब हो गया। ग्रामीणों ने प्रभावित परिवारों का तत्काल सर्वे कराकर क्षति का आकलन कराने और पात्र परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
सेमरहटा में दो मकान गिरे, टला बड़ा हादसा
सदर तहसील क्षेत्र के तेलियानी विकासखंड के सेमरहटा गांव में श्रीपाल और भगवानदीन के कच्चे मकान बारिश के दौरान गिर गए। संयोग से घटना के समय परिवार के लोग मकान के अंदर नहीं थे, जिससे बड़ा हादसा टल गया। वहीं बाबूराम का कच्चा मकान भी पहले ही धराशायी हो चुका है। लगातार मकानों के गिरने से ग्रामीणों में दहशत है और प्रभावित परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं।
मकान ढहने के साथ सरकारी आवास व्यवस्था पर भी सवाल
बारिश में लगातार कच्चे मकानों के गिरने की घटनाओं ने सरकारी आवास योजनाओं की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पात्र परिवारों का समय से सर्वे कर उन्हें आवास उपलब्ध कराया जाए तो बरसात में जर्जर मकानों में रहने की मजबूरी खत्म हो सकती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से आवास विहीन परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर योजना का लाभ देने की मांग की है।
खागा में जलभराव से गलियां बनीं मुसीबत, घरों में घुसा पानी
खागा, फतेहपुर(CNF)। कस्बे सहित ऐरायां विकासखंड क्षेत्र में भी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। खागा कस्बे के ब्राह्मण टोला, नई बाजार और गढ़ी इलाके में जलभराव के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ रही है। मदागंज मजरे मोहम्मदपुर गौती गांव में सोमवार भोर से करीब साढ़े 11 बजे तक लगातार बारिश के चलते गलियों में पानी भर गया और कई घरों में भी पानी घुसने लगा। कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों में बारिश को लेकर डर का माहौल है।
ग्रामीणों का कहना है कि बारिश का पानी निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण गलियों में जमा हो रहा है। कई ग्रामीणों ने जलभराव के वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किए। चेयरमैन गीता सिंह ने बताया कि नाला निर्माण के चलते फिलहाल जलभराव की समस्या उत्पन्न हुई है।
