आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को केंद्र सरकार पर तीखा हमला करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और जंतर-मंतर पर युवाओं के नेतृत्व में चल रहे विरोध-प्रदर्शनों को अपना समर्थन देते हुए, केजरीवाल ने केंद्र सरकार से प्रदर्शनकारियों की मांगों पर ध्यान देने का आग्रह किया। सभा को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने कहा, “युवाओं, आंदोलन और सोनम वांगचुक की बात सुनें; वरना, तीन साल बाद आपका (केंद्र सरकार का) वही हाल होगा जो 2014 में हुआ था। शिक्षा के क्षेत्र में जवाबदेही की मांग करते हुए, दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्रिमंडल में बदलाव का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि मैं एक प्रस्ताव भी रखता हूं – धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा दे देना चाहिए और प्रधानमंत्री को सोनम वांगचुक को देश का शिक्षा मंत्री बनाना चाहिए। मैं प्रधानमंत्री को सुझाव देता हूं: धर्मेंद्र प्रधान को हटा दें और सोनम वांगचुक को केंद्रीय शिक्षा मंत्री बनाएं।

केजरीवाल की यह टिप्पणी राष्ट्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और शिक्षा नीति से जुड़ी व्यापक चिंताओं को लेकर जंतर-मंतर पर बढ़ते विरोध प्रदर्शनों के बीच आई है। इस बीच, दिल्ली हाई कोर्ट ने दिन में पहले निर्देश दिया कि जंतर-मंतर पर चल रही भूख हड़ताल के दौरान वांगचुक की चिकित्सीय स्थिति की प्रतिदिन चिकित्सकीय निगरानी की जाए। मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की खंडपीठ ने कहा कि “हर नागरिक का जीवन कीमती है और सरकारी अधिकारियों को इसे बचाने के लिए हर संभव प्रयास करना चाहिए। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि सरकारी डॉक्टरों की राय के आधार पर अगर किसी मेडिकल मदद की ज़रूरत हो, तो वह बिना देरी के दी जाए। ये निर्देश वांगचुक की लंबी भूख हड़ताल के दौरान बिगड़ती सेहत को लेकर दायर जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई के दौरान दिए गए।

केंद्र और दिल्ली सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि सरकारी डॉक्टर और मेडिकल एक्सपर्ट पहले से ही रोज़ाना वांगचुक की सेहत पर नज़र रख रहे हैं। उन्होंने बेंच को भरोसा दिलाया कि ज़रूरत पड़ने पर एक और मेडिकल टीम भी तैनात की जा सकती है। राकेश कुमार साहनी की ओर से दायर PIL में मांग की गई थी कि लंबी भूख हड़ताल के दौरान वांगचुक की सेहत को लेकर चिंता को देखते हुए नियमित मेडिकल निगरानी और समय पर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जाएं। लद्दाख के इंजीनियर, शिक्षा सुधारक और क्लाइमेट एक्टिविस्ट वांगचुक गुरुवार को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के 19वें दिन में प्रवेश कर गए।

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