फोटो परिचय- बसपा नगर अध्यक्ष गाजी अब्दुर रहमान गनी।
– कचहरी से अरबपुर तक सड़कों पर पानी, राहगीरों और व्यापारियों को हुई परेशानी
– बसपा नगर अध्यक्ष गाजी अब्दुर रहमान गनी ने स्थायी समाधान की उठाई मांग
CITY NEWS FATEHPUR
फतेहपुर(CNF)। बुधवार को हुई बारिश ने शहर की जलनिकासी व्यवस्था की हकीकत सामने ला दी। कुछ ही देर की बारिश के बाद कचहरी, तांबेश्वर मार्ग, अरबपुर, पीरनपुर समेत कई प्रमुख मोहल्लों और मार्गों पर पानी जमा हो गया। जलभराव के चलते राहगीरों, दुकानदारों और वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर सड़क और नालियों का पानी एक-दूसरे में मिल जाने से स्थिति और खराब दिखाई दी।
बहुजन समाज पार्टी के नगर अध्यक्ष गाजी अब्दुर रहमान गनी ने शहर में जलभराव की स्थिति को लेकर नगर पालिका की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान जलनिकासी की व्यवस्था प्रभावी नहीं होने के कारण आम लोगों को हर बार परेशानी झेलनी पड़ती है। उनका कहना है कि नालियों की नियमित सफाई और पानी की निकासी के स्थायी इंतजाम किए जाएं तो बारिश के बाद पैदा होने वाली समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
गाजी अब्दुर रहमान गनी ने शहर की जर्जर सड़कों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि ज्वालागंज-राधानगर मार्ग, पटेल नगर से सादीपुर मार्ग सहित कई सड़कों की हालत लंबे समय से खराब है। जगह-जगह बड़े गड्ढे होने से वाहन चालकों को जोखिम उठाकर गुजरना पड़ रहा है। बारिश के बाद इन गड्ढों में पानी भर जाने से सड़क की वास्तविक स्थिति दिखाई नहीं देती, जिससे दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।
उन्होंने कहा कि शहर की समस्याओं को किसी राजनीतिक दल के चश्मे से देखने के बजाय जनसुविधाओं के नजरिये से समाधान किया जाना चाहिए। वर्तमान में जिले की राजनीतिक परिस्थितियों में अलग-अलग दलों के जनप्रतिनिधि होने के बावजूद सड़क, जलनिकासी और नागरिक सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का प्रभावी समाधान जरूरी है।
बसपा नगर अध्यक्ष ने शासन-प्रशासन से मांग की कि जलभराव वाले स्थानों को चिह्नित कर वहां स्थायी जलनिकासी व्यवस्था विकसित की जाए। साथ ही नालियों की नियमित सफाई, प्रमुख मार्गों पर जलनिकासी के इंतजाम और क्षतिग्रस्त सड़कों की गुणवत्ता के साथ मरम्मत कराई जाए। उन्होंने कहा कि शहरवासियों को सुरक्षित आवागमन और मूलभूत नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराना संबंधित विभागों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इन समस्याओं का तात्कालिक नहीं बल्कि स्थायी समाधान कराया जाना चाहिए।
