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फतेहपुर(CNF)। खागा तहसील क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गढ़ा में चल रही चकबंदी प्रक्रिया को लेकर ग्रामीणों में भारी असंतोष व्याप्त है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर चकबंदी अधिकारियों व कर्मचारियों पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं।
रग्घूपुर मजरे गढ़ा गांव निवासी शिकायत कर्ता नागेश त्रिपाठी का आरोप है कि चकबंदी लेखपाल और अन्य अधिकारी मनमाने ढंग से कार्य कर रहे हैं तथा वादों की सुनवाई नियमानुसार नहीं की जा रही है। इससे वादकारियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और पूरे क्षेत्र के किसान त्रस्त हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि चक काटने के नाम पर काश्तकारों से अवैध वसूली की जा रही है और अब तक लाखों रुपये की उगाही हो चुकी है। इसमें एक लेखपाल की प्रमुख भूमिका बताई जा रही है। इसके अलावा धारा क के तहत खातों का समुचित बंटवारा भी नहीं किया गया है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि दाखिल-खारिज और वरासत के मामलों में एसीओ स्तर पर पांच हजार रुपये तथा सीओ स्तर पर 10 से 15 हजार रुपये तक की मांग की जाती है। वहीं लेखपाल द्वारा वरासत रिपोर्ट, अमलदरामद और खतौनी की नकल के लिए भी अलग-अलग शुल्क वसूले जाने के आरोप हैं। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि चकबंदी कार्यालय में लेखपाल निजी माध्यम से खतौनी की नकल तैयार करवा रहे हैं, जिससे किसानों में अपने भूमि अभिलेखों को लेकर भय का माहौल है। साथ ही सहायक चकबंदी अधिकारी द्वारा तहसील परिसर से दूर निजी स्थान पर कार्यालय संचालित करने के कारण किसानों को पूरे दिन भटकना पड़ता है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि चकबंदी प्रक्रिया पारदर्शी और न्यायसंगत ढंग से पूरी हो सके।
