फोटो परिचय- डिप्टी कमिश्नर को ज्ञापन सौंपते वीबीजी ग्राम्य कर्मचारी।
– छह सूत्रीय मांगों को लेकर वीबीजी ग्राम्य कर्मियों ने डिप्टी कमिश्नर को सौंपा ज्ञापन
– पदनाम, मानदेय, एचआर पॉलिसी और भर्ती प्रक्रिया में अनुभव का लाभ देने की मांग
CITY NEWS FATEHPUR
फतेहपुर(CNF)। ग्राम्य विकास विभाग में लंबे समय से डिजिटल और डाटा प्रबंधन से जुड़े कार्यों का संचालन कर रहे वीबीजी ग्राम्य कंप्यूटर ऑपरेटरों ने अपनी सेवा संबंधी समस्याओं को लेकर आवाज उठाई है। कर्मचारियों ने छह सूत्रीय मांगों का ज्ञापन डिप्टी कमिश्नर वीबी ग्राम्य अश्वनी कुमार सोनकर को सौंपकर समस्याओं के निराकरण की मांग की।
कर्मचारियों का कहना है कि वे करीब दो दशक से विभागीय योजनाओं के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। डाटा एंट्री के साथ सरकारी योजनाओं का डाटा संधारण, ऑनलाइन पोर्टल संचालन, एमआईएस रिपोर्ट तैयार करना, डाटा सत्यापन और प्रगति रिपोर्टिंग जैसे कार्य उनकी जिम्मेदारियों में शामिल हैं। इसके बावजूद कार्यभार और अनुभव के अनुरूप उनका पदनाम एवं मानदेय निर्धारित नहीं किया गया है।
ज्ञापन में कर्मचारियों ने वर्तमान पदनाम में बदलाव कर एमआईएस इंचार्ज किए जाने की मांग रखी। साथ ही मानदेय का पुनर्निर्धारण और एचआर पॉलिसी लागू करने की मांग की गई। कर्मचारियों ने स्नातक एवं पीजीडीएस अथवा समकक्ष योग्यता तथा करीब 20 वर्षों की सेवा को ध्यान में रखते हुए मानदेय में वृद्धि किए जाने की बात कही।
कर्मचारियों ने कहा कि समान योग्यता वाले नवनियुक्त कंप्यूटर ऑपरेटरों को उनसे अधिक मानदेय मिलने की स्थिति में लंबे समय से कार्यरत कर्मचारियों के हितों पर भी विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की तर्ज पर एचआर पॉलिसी लागू करने तथा सेवा निरंतरता और दीर्घ सेवा का लाभ देने की मांग की।
इसके अलावा रिक्त पदों को भरने, भविष्य में होने वाली नियमित कंप्यूटर एवं एमआईएस भर्ती में अनुभवी वीबीजी ग्राम्य कर्मचारियों को अनुभव का वेटेज देने और नियमानुसार आयु सीमा में छूट प्रदान करने का अनुरोध किया गया। पात्र कर्मचारियों के लिए 50 प्रतिशत पदों पर कोटा निर्धारित करने पर भी विचार करने की मांग ज्ञापन में शामिल रही।
ज्ञापन सौंपने वालों में आशीष कश्यप, वंदना श्रीवास्तव, कृष्ण कुमार, अरविंद कुमार, फिरदौस अली समेत अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
