फोटो परिचय- थरियांव पावर हाउस में बैठक करते भाकियू टिकैत के पदाधिकारी।
29 सितंबर को आएंगे राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश टिकैत, समाधान न हुआ तो 3 अक्टूबर को पावर हाउस का घेराव
धान की फसल पर बिजली संकट का असर, जर्जर तार और खराब ट्रांसफार्मरों को लेकर भी जताई नाराजगी
CITY NEWS FATEHPUR
फतेहपुर(CNF)। जिले में अघोषित बिजली कटौती, जर्जर विद्युत लाइनों और किसानों को हो रही बिजली संबंधी समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) ने अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। थरियांव पावर हाउस परिसर में संगठन की बैठक कर विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई गई। किसानों की समस्याओं का समय रहते समाधान न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी गई है।
संगठन के जिलाध्यक्ष मधुसूदन तिवारी ने कहा कि बिजली संकट के कारण धान की फसल प्रभावित हो रही है। किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली नहीं मिल पा रही है, जिससे उनकी परेशानी लगातार बढ़ रही है। उन्होंने विद्युत व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त कराने और ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की।
बैठक में संगठन की ओर से आठ सूत्रीय मांगपत्र तैयार कर विद्युत विभाग के समक्ष विभिन्न क्षेत्रों की समस्याएं उठाई गईं। मांगपत्र में कड़ा गांव में लाइनमैन द्वारा फोन न उठाने, मलवां क्षेत्र में लाइनमैन के उपलब्ध न रहने तथा मीरपुर में दुबेश्वर ठाकुर और रामबहादुर के जले ट्रांसफार्मर नहीं बदले जाने की शिकायत प्रमुख रूप से शामिल रही।
किसान नेताओं ने मंडरांव से मनक-काड़ा तथा नौबस्ता में जर्जर एलटी लाइन के तार बार-बार टूटने का मामला भी उठाया। वहीं कारीडमरा में बिजली के तार काफी नीचे लटकने से हादसे की आशंका जताते हुए तत्काल उन्हें दुरुस्त कराने की मांग की गई।
जिलाध्यक्ष मधुसूदन तिवारी ने बताया कि विद्युत विभाग को समस्याओं के समाधान के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 29 सितंबर को भाकियू टिकैत के राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश टिकैत फतेहपुर पहुंचेंगे। यदि तब तक बिजली संबंधी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो संगठन द्वारा 3 अक्टूबर को पावर हाउस का घेराव कर महापंचायत आयोजित की जाएगी।
उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। संगठन ने विद्युत विभाग से समय रहते सभी शिकायतों का निस्तारण कर किसानों को राहत देने की मांग की है।
