फोटो परिचय- प्रशिक्षण के समापन पर संस्था के पदाधिकारी व किशोरियां।
दो दिवसीय प्रशिक्षण में स्वास्थ्य, मासिक धर्म स्वच्छता, पोषण, शिक्षा और समान अधिकारों पर हुआ संवाद
CITY NEWS FATEHPUR
फतेहपुर(CNF)। किशोरियों को स्वास्थ्य, शिक्षा और अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ समाज में जड़ जमाए लैंगिक भेदभाव के खिलाफ आवाज बुलंद करने के उद्देश्य से निशान वेलफेयर सोसाइटी की ओर से सनगांव पंचायत घर में दो दिवसीय प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किशोरियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर स्वास्थ्य, शिक्षा और समानता से जुड़े विषयों पर जानकारी हासिल की।
प्रशिक्षण के दौरान संस्था की फील्ड मोबिलाइजर अल्ताशा परवीन, सलाहुद्दीन एवं राबिया, प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर तूबा, प्रबंधक रुबिना परवीन तथा प्रशिक्षक मानसी ने किशोरियों को विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी। प्रशिक्षक मानसी ने मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता के महत्व पर विस्तार से चर्चा करते हुए स्वच्छता सामग्री का उचित समय पर इस्तेमाल करने और व्यक्तिगत साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी। साथ ही किशोरियों को पौष्टिक एवं संतुलित आहार लेने के लिए प्रेरित किया गया।
उन्होंने शिक्षा को किशोरियों के सशक्तीकरण का सबसे मजबूत माध्यम बताते हुए कहा कि “शिक्षा शेरनी का दूध है, जो इसे पीता है वह दहाड़ता है।” उन्होंने किशोरियों से शिक्षा के अवसरों का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनने और अपने भविष्य को बेहतर दिशा देने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में लैंगिक भेदभाव और समान अधिकारों को लेकर भी खुलकर चर्चा हुई। प्रशिक्षक ने कहा कि समाज के कई हिस्सों में आज भी बेटियों को बेटों की अपेक्षा कमतर समझने की मानसिकता कायम है। केवल लड़का होने के आधार पर उसे अधिक महत्व और अवसर देना लैंगिक असमानता को बढ़ावा देता है। किशोरियों को समझाया गया कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सम्मान और अवसरों पर लड़कियों का भी उतना ही अधिकार है, जितना लड़कों का।
प्रशिक्षण के दौरान किशोरियों ने विभिन्न विषयों को लेकर खुलकर सवाल किए और विशेषज्ञों से अपनी जिज्ञासाओं का समाधान जाना। उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने के साथ ही परिवार और समाज में भेदभावपूर्ण सोच को बदलने में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया।
दो दिवसीय कार्यक्रम के समापन पर किशोरियों ने स्वयं जागरूक रहने तथा अपने परिवार और आसपास के लोगों तक स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता और समानता का संदेश पहुंचाने का संकल्प लिया। संस्था के पदाधिकारियों ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों का उद्देश्य किशोरियों को स्वस्थ, शिक्षित और जागरूक बनाते हुए उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सशक्त करना तथा समाज में समानता की भावना को मजबूत करना है।
