फोटो परिचय-  कलेक्ट्रेट में प्रार्थना पत्र देने के लिए खड़े पीड़ित।

— चाचा व चचेरे भाइयों पर मारपीट, गाली-गलौज और धमकाने के आरोप

— एसडीएम को शिकायती पत्र देकर मुकदमा दर्ज कराने की मांग, परिवार की सुरक्षा को बताया खतरा

CITY NEWS FATEHPUR

फतेहपुर(CNF)। जहानाबाद थाना क्षेत्र के बुढ़वा गांव में पुश्तैनी जमीन को लेकर पारिवारिक विवाद सामने आया है। गांव निवासी संध्या मिश्रा पुत्री देवेंद्र मिश्रा ने अपने चाचा महेंद्र कुमार मिश्रा और उनके पुत्रों अतुल मिश्रा, अमित मिश्रा व अनुरुद्ध मिश्रा पर उसके विकलांग माता-पिता की जमीन व मकान पर कब्जा करने का आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि विरोध करने पर उसके साथ अभद्रता, धक्का-मुक्की और धमकी दी गई। मामले को लेकर उसने उपजिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर एफआईआर दर्ज कराए जाने तथा परिवार की सुरक्षा की मांग की है।

संध्या मिश्रा के मुताबिक उसके माता-पिता दोनों दिव्यांग हैं और लगभग डेढ़ से दो बीघा जमीन पर खेती-बारी कर किसी तरह परिवार का भरण-पोषण करते हैं। आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद उन्होंने बेटी संध्या और बेटे को पढ़ाया-लिखाया। उसका भाई बिंदकी तहसील में वरिष्ठ अधिवक्ताओं के जूनियर के रूप में वकालत का कार्य सीख रहा है। पीड़िता ने आरोप लगाया कि परिवार की इसी स्थिति का फायदा उठाकर उसके चाचा और चचेरे भाइयों ने माता-पिता के हिस्से की जमीन व मकान पर अपना कब्जा जमा रखा है।

शिकायती पत्र में पीड़िता ने अपने चाचा महेंद्र कुमार मिश्रा और उनके पुत्रों अतुल मिश्रा, अमित मिश्रा तथा अनुरुद्ध मिश्रा के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि परिवार के विवाद को लेकर पहले भी कई मामले सामने आ चुके हैं। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि करीब 90 वर्षीय उसके वृद्ध बाबा पर भी दबाव बनाया जाता है और मारपीट के डर से उन्हें दूसरे पक्ष का समर्थन करने के लिए मजबूर होना पड़ता है।

पीड़िता ने 15 सितंबर की शाम की घटना का हवाला देते हुए बताया कि वह अपने भाई को बुलाने के लिए घर से बाहर निकली थी। इसी दौरान वहां महेंद्र मिश्रा के साथ अमित मिश्रा और अनुरुद्ध मिश्रा मौजूद थे। आरोप है कि अमित मिश्रा शराब के नशे में था और उसने उसके ऊपर शराब से भरी बोतल उड़ेलने का प्रयास किया। विरोध करने पर उसके साथ धक्का-मुक्की की गई और सीने में धक्का मारा गया।

घटना के बाद संध्या ने जहानाबाद पुलिस को फोन पर सूचना दी। उसका कहना है कि पुलिस के पहुंचने की जानकारी मिलते ही संबंधित लोग मौके से चले गए। आरोप है कि पुलिस के वापस जाने के बाद उसे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई और सामाजिक रूप से बदनाम करने की बात कही गई।

पीड़िता ने अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने तथा उसके विकलांग माता-पिता, भाई और उसकी स्वयं की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित कराने की मांग की है। अब मामले में प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई पर पीड़ित परिवार की नजर टिकी है।

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