केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के पुंछ ज़िले में भूस्खलन की चपेट में आने से मिट्टी के एक घर में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि यह घटना लोरान गांव में हुई, जहां इलाके में भारी बारिश हो रही थी; मरने वालों में चार महिलाएं भी शामिल हैं। उन्होंने आगे कहा कि बचाव अभियान चल रहा है और तलाशी के लिए टीमें पहुंच गई हैं। पुंछ जम्मू-कश्मीर के उन इलाकों में से एक है जहां भारी बारिश हुई है, जिससे कई हिस्सों में अचानक बाढ़ और बादल फटने जैसी घटनाएं हुई हैं। बचाव अभियान जारी है, लेकिन अधिकारियों ने बताया है कि पुंछ जिले में अब तक लगभग 17 लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि, मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है क्योंकि छह लोग अभी भी लापता हैं।
CM अब्दुल्ला ने मुआवज़े का ऐलान किया
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला लगातार हालात पर नज़र रखे हुए हैं। उन्होंने पीड़ित परिवारों की तुरंत मदद के तौर पर, मारे गए हर व्यक्ति के परिवार को 6 लाख रुपये का मुआवज़ा देने का ऐलान किया है। इसमें 4 लाख रुपये ‘स्टेट डिज़ास्टर रिस्पॉन्स फंड’ (SDRF) से और 2 लाख रुपये ‘मुख्यमंत्री राहत कोष’ (CMRF) से दिए जाएंगे। अब्दुल्ला इलाके के स्थानीय विधायकों के संपर्क में भी हैं और उन्होंने ज़ोर देकर कहा है कि लोगों की जान बचाना उनकी सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। रविवार को ‘X’ पर एक बयान में उन्होंने कहा, “सरकार उन प्रभावित लोगों की मदद और सहायता के लिए हर संभव कोशिश करेगी, जिनकी संपत्ति को बारिश और अचानक आई बाढ़ (फ्लैश फ्लड) से नुकसान पहुँचा है।”
केंद्र शासित प्रदेश में भारी बारिश का दौर जारी है, ऐसे में प्रशासन ने जम्मू इलाके में पुलों, नदियों और पानी के अन्य संवेदनशील स्रोतों पर सिविल डिफेंस के कर्मचारियों को तैनात किया है। साथ ही, लोगों को सावधान रहने और बाढ़ प्रभावित इलाकों में न जाने की सलाह भी दी गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, भारी बारिश का दौर 23 जुलाई तक जारी रहने की संभावना है। इसे देखते हुए विभाग ने पहले ही जम्मू, कठुआ, सांबा, राजौरी, डोडा, रामबन, किश्तवाड़, रियासी और उधमपुर के लिए अलर्ट जारी किया था, जिसमें कई इलाकों में अचानक बाढ़ और भूस्खलन (लैंडस्लाइड) की आशंका जताई गई थी।
