– चार साल बाद सेवा समाप्त होने की पुरानी व्यवस्था में केंद्र सरकार ने किया अहम बदलाव

– अतिरिक्त दो वर्ष सेना में बिताने का मिलेगा विकल्प, बढ़ेगा अनुभव और आर्थिक लाभ

– अब अग्निवीरों को नियमित सैनिक बनने के लिए मिलेगा चयन का एक और अवसर

CITY NEWS FATEHPUR

नई दिल्ली(CNF)। भारतीय सेना में अग्निवीर के रूप में भर्ती होकर देश की सुरक्षा का दायित्व संभाल रहे युवाओं के करियर को लेकर केंद्र सरकार ने नई व्यवस्था का रास्ता खोल दिया है। चार वर्ष की निर्धारित सैन्य सेवा पूरी होने के बाद अग्निवीरों के सामने अब केवल सेवा से बाहर निकलने का विकल्प नहीं रहेगा। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने उनके लिए दो वर्ष की अतिरिक्त सेवा का प्रावधान स्वीकृत कर दिया है। बुधवार को सामने आए इस निर्णय से अग्निपथ योजना के भविष्य और अग्निवीरों के सेवा अवसरों में महत्वपूर्ण बदलाव हुआ है।

नई व्यवस्था के तहत शुरुआती चार साल की सेवा पूरी करने वाले 25 प्रतिशत अग्निवीरों को पहले की तरह योग्यता और मेरिट के आधार पर नियमित सशस्त्र बलों में शामिल किया जाएगा। शेष 75 प्रतिशत को दो वर्ष का अतिरिक्त कार्यकाल स्वीकार करने का विकल्प दिया जाएगा। इस अवधि को सेकेंड टूर ऑफ ड्यूटी के रूप में आगे बढ़ाया गया है।

इस फैसले का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि अतिरिक्त सेवा पूरी करने के बाद भी अग्निवीरों के लिए नियमित सैनिक बनने की संभावना समाप्त नहीं होगी। सेना में आगे बने रहने के इच्छुक युवाओं को निर्धारित वस्तुनिष्ठ चयन प्रक्रिया से गुजरने का अवसर मिलेगा। हालांकि नियमित नियुक्ति स्वतः नहीं होगी और इसके लिए निर्धारित पात्रता एवं चयन मानकों पर खरा उतरना जरूरी होगा।

सरकार के इस बदलाव में आर्थिक पक्ष को भी शामिल किया गया है। अतिरिक्त दो साल की सेवा के दौरान अग्निवीरों को पहले की तुलना में अधिक पारिश्रमिक दिया जाएगा। इसके साथ सेवा निधि पैकेज में भी बढ़ोतरी का प्रावधान बताया गया है। इससे उन युवाओं को अतिरिक्त आर्थिक सुरक्षा और सैन्य अनुभव हासिल करने का अवसर मिलेगा, जो सेना में अपनी सेवाएं जारी रखना चाहते हैं।

दरअसल, वर्ष 2022 में शुरू की गई अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुए पहले बैच की चार साल की सेवा अवधि पूरी होने का समय नजदीक आ गया था। ऐसे में हजारों युवाओं के सामने आगे के करियर को लेकर महत्वपूर्ण सवाल खड़े थे। इसी पृष्ठभूमि में सैन्य बलों के अनुभव और अग्निवीरों के प्रदर्शन के आकलन के बाद केंद्र सरकार ने सेवा अवधि के दूसरे चरण का विकल्प तैयार किया है।

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि पिछले चार वर्षों में अग्निवीरों के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया गया और उनकी कार्यक्षमता को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इसे सैन्य बलों में दीर्घकालिक सुधार की दिशा में उठाया गया कदम बताया है।

सरकार के इस निर्णय का वास्तविक प्रभाव आने वाले समय में दिखाई देगा। अग्निवीरों के लिए अब सैन्य सेवा का अनुभव बढ़ाने, आर्थिक लाभ हासिल करने और नियमित सशस्त्र बलों में स्थान पाने के लिए एक अतिरिक्त अवसर उपलब्ध होगा। साथ ही यह बदलाव अग्निपथ योजना के क्रियान्वयन में अब तक के अनुभवों के आधार पर किए जा रहे संशोधन का भी संकेत देता है।

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