– भिटौरा के देवघाट पर रिवर रैंचिंग कार्यक्रम, जलीय जैव विविधता संरक्षण पर जोर
– मछुआरों की आय बढ़ाने और गंगा को प्रदूषण मुक्त रखने के लिए दिलाई गई शपथ
CITY NEWS FATEHPUR
फतेहपुर(CNF)। गंगा नदी में मछलियों की घटती संख्या को नियंत्रित करने, जलीय जीवों के संरक्षण और मत्स्य संसाधनों को समृद्ध बनाने के उद्देश्य से शनिवार को भिटौरा स्थित देवघाट पर विशेष अभियान चलाया गया। मत्स्य विभाग की ओर से आयोजित रिवर रैंचिंग कार्यक्रम के तहत गंगा में भारतीय मेजर कार्प प्रजाति की एक लाख मत्स्य अंगुलिकाएं प्रवाहित की गईं। इस पहल को नदी की जैव विविधता बढ़ाने के साथ मछुआरा समुदाय के आर्थिक हितों को मजबूती देने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष अभय प्रताप सिंह ने कहा कि गंगा नदी धार्मिक आस्था का केंद्र होने के साथ ही प्राकृतिक संसाधनों और लाखों लोगों की आजीविका का महत्वपूर्ण आधार है। नदी में मछलियों की संख्या बढ़ाने के लिए इस तरह के प्रयास जरूरी हैं। इससे जलीय पारिस्थितिकी के संतुलन को बनाए रखने और भविष्य में मत्स्य संसाधनों के संरक्षण में मदद मिल सकती है।
मत्स्य विभाग के प्रभारी मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरुण कुमार पाल ने बताया कि रिवर रैंचिंग का प्रमुख उद्देश्य गंगा में मछलियों की उपलब्धता बढ़ाना, जलीय पर्यावरण को मजबूत करना और मत्स्य उत्पादन को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने कहा कि मत्स्य संसाधनों के संरक्षण से इस व्यवसाय पर निर्भर मछुआरों को भी दीर्घकालिक लाभ मिलने की संभावना है।
ब्लॉक प्रमुख अमित तिवारी ने लोगों से गंगा की स्वच्छता बनाए रखने और जलीय जीवों के प्राकृतिक आवास की रक्षा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि नदी में प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर रोक लगाने के साथ मछलियों के संरक्षण के लिए भी सामूहिक जिम्मेदारी निभानी होगी।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को गंगा को स्वच्छ रखने तथा प्रतिबंधित जालों का इस्तेमाल नहीं करने की शपथ दिलाई गई। आयोजन में मत्स्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि, नाविक, मछुआरा समुदाय के प्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक शामिल रहे।
