फोटो परिचय- बारिश के बाद तालाब के पानी से घिरे मकानों का दृश्य।
– जल निकासी की बदहाल व्यवस्था ने बढ़ाई ग्रामीणों की मुश्किलें
– छतों के रास्ते आवागमन को मजबूर परिवार, बच्चों की पढ़ाई पर भी असर
REPORT:- VINAY TRIVEDI “BEENU”
CITY NEWS FATEHPUR
फतेहपुर(CNF)। हथगाम विकासखंड के छिवलहा कस्बे में बारिश ने जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी है। बाजार के आसपास स्थित पुराने तालाबों का पानी आसपास के आबादी वाले हिस्सों में पहुंचने से करीब एक दर्जन परिवारों के सामने आवागमन का संकट खड़ा हो गया है। जलभराव के चलते कई मकान चारों तरफ से पानी से घिरकर टापू में तब्दील हो गए हैं।
स्थानीय लोगों के मुताबिक तालाबों से पानी की निकासी का पर्याप्त इंतजाम न होने के कारण बारिश होते ही स्थिति बिगड़ जाती है। नवाब अली परिवार के आसपास रहने वाले लोगों के घरों तक पानी पहुंच जाने से मुख्य रास्ते बंद हो जाते हैं। घर से बाहर निकलने के लिए लोगों को पड़ोसियों की छतों और दूसरे वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ता है।
सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को उठानी पड़ रही है। रास्तों में पानी भर जाने के कारण बच्चों का स्कूल पहुंचना मुश्किल हो जाता है। कई बार जलभराव इतना अधिक हो जाता है कि परिवारों का सामान्य दैनिक जीवन भी प्रभावित हो जाता है।
ग्रामीणों का कहना है कि समस्या कोई नई नहीं है। बरसात के दिनों में हर वर्ष यही हालात पैदा होते हैं, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हो सका। स्थानीय नागरिकों के मुताबिक चुनाव के दौरान भी यह मुद्दा प्रमुखता से उठता रहा है और प्रभावित परिवार कई बार चुनाव बहिष्कार की चेतावनी दे चुके हैं। उनका आरोप है कि कम लागत में पहुंच मार्ग और जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त कराई जा सकती है, लेकिन जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते समस्या जस की तस बनी हुई है।
छिवलहा में बाजार के साथ जनता इंटर कॉलेज समेत कई प्रमुख संस्थान और आवागमन के रास्ते हैं। त्योहारों के दौरान यहां लोगों की आवाजाही और बढ़ जाती है। ऐसे में नागरिकों का कहना है कि जलभराव से निजात दिलाना केवल कुछ परिवारों की समस्या का समाधान नहीं, बल्कि पूरे कस्बे की बुनियादी जरूरत है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल निकासी की स्थायी व्यवस्था कराने और आवागमन के लिए सुरक्षित रास्ता उपलब्ध कराने की मांग की है।
