फोटो परिचय- सालाना उर्स के दौरान मौजूद काजी-ए-शहर एवं अन्य धर्मगुरु।
– उलमा और मशाइख की मौजूदगी में पेश की गई खिराज-ए-अकीदत
– दीनी व सामाजिक योगदान के लिए तीन शख्सियतों को नूरी मिल्लत अवार्ड से नवाजा
CITY NEWS FATEHPUR
फतेहपुर(CNF)। लालौली कस्बे के शहीद नगर स्थित जामिया अहसनुल बरकात में हजरत नूरी मिल्लत अलैहिर्रहमा का सालाना उर्स धार्मिक परंपराओं और श्रद्धा के साथ आयोजित किया गया। सुबह से शुरू हुए इस आयोजन में जिले और आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे उलमा-ए-किराम, मशाइख, हाफिजों तथा अकीदतमंदों ने शिरकत की। इस दौरान हजरत नूरी मिल्लत की दीनी और इल्मी सेवाओं को याद करते हुए उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए गए।
उर्स की अध्यक्षता जामिया के शैखुल हदीस एवं सदरुल मुदर्रिसीन मौलाना जलालुद्दीन अहमद कादरी मिस्बाही ने की, जबकि कार्यक्रम की सरपरस्ती मौलाना कारी मुहम्मद हुसैन रजा बरकाती ने संभाली। आयोजन में पीरे तरीकत हजरत बादशाह मियां बिलग्रामी, हजरत हसन मियां मसूली, हजरत गुलाम रसूल मियां सरिया तथा काजी-ए-शहर मुफ्ती मुहम्मद शहाबुद्दीन मिस्बाही की विशेष उपस्थिति रही।
समारोह का प्रमुख आकर्षण नूरी मिल्लत अवार्ड सम्मान समारोह रहा। इसमें दीनी तालीम, इल्मी गतिविधियों और मिल्ली सेवाओं में उल्लेखनीय योगदान देने के लिए हजरत बादशाह मियां, हजरत गुलाम रसूल मियां तथा काजी-ए-शहर मुफ्ती मुहम्मद शहाबुद्दीन मिस्बाही को सम्मानित किया गया। सम्मान प्राप्त करने वाली हस्तियों की सेवाओं को उपस्थित लोगों ने सराहा।
कार्यक्रम में जामिया के शिक्षक, सुन्नी उलमा, धार्मिक गुरु, कुरआन के हाफिज और क्षेत्र के तमाम गणमान्य लोग शामिल हुए। आखिर में हजरत हसन मियां मसूली ने मुल्क में अमन-चैन, भाईचारे और तरक्की की दुआ कराई। इसके साथ ही सालाना उर्स का समापन हो गया।
