फोटो परिचय- किसानों को चना एवं सरसों की मिनीकिट प्रदान करतीं जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स।

– 63.50 करोड़ रुपये सीधे बैंक खातों में किए गए हस्तांतरित

– प्रधानमंत्री ने गुजरात से जारी की योजना की 24वीं किस्त

– डीएम ने सात किसानों को वितरित किए चना और सरसों के निशुल्क बीज

CITY NEWS FATEHPUR

फतेहपुर(CNF)। जनपद के लाखों किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त के रूप में आर्थिक सहायता मिली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के बनासकांठा से देशभर के 9.34 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में 18,680 करोड़ रुपये से ज्यादा की धनराशि भेजी। इस योजना के तहत फतेहपुर के 3,17,567 किसानों के बैंक खातों में भी करीब 63.50 करोड़ रुपये अंतरित किए गए।

इस अवसर पर विकास भवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स, मुख्य विकास अधिकारी पवन कुमार मीना समेत कृषि विभाग के अधिकारियों और बड़ी संख्या में किसानों ने प्रधानमंत्री के संबोधन का सीधा प्रसारण देखा। इसी तरह जनपद के सभी विकास खंडों में भी कार्यक्रम आयोजित कर किसानों को योजना की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में जिलाधिकारी ने कहा कि किसान सम्मान निधि किसानों को खेती से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने में आर्थिक संबल प्रदान कर रही है। किसानों को इस धनराशि का सदुपयोग कृषि कार्यों में करते हुए बेहतर उत्पादन की दिशा में प्रयास करना चाहिए। उन्होंने प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि उपजाऊ मिट्टी ही कृषि की असली ताकत है। इसकी गुणवत्ता बनाए रखना किसानों के साथ-साथ समाज की भी सामूहिक जिम्मेदारी है।

डीएम ने किसानों से रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का संतुलित इस्तेमाल करने तथा आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाने की अपील की। उन्होंने फसल अवशेष प्रबंधन को जरूरी बताते हुए कहा कि पराली जलाने से मिट्टी की उर्वरता घटती है और पर्यावरण प्रदूषित होता है। इसलिए किसान पराली जलाने से बचें और कृषि यंत्रों के माध्यम से उसका उचित निस्तारण करें।

इस दौरान जिलाधिकारी ने सात चयनित किसानों सीताराम निवासी मीरपुर कुरुस्त, आरती देवी निवासी बर्मतपुर, भगवानदीन निवासी भगवंतपुर, रामविशाल निवासी कासिमपुर, प्रकाश सिंह निवासी बबलपुर, रामेन्द्र सिंह निवासी समेहरटा और जगदीश शरण सिंह निवासी बादलपुर को चना एवं सरसों के निशुल्क मिनीकिट बीज प्रदान किए।

मुख्य विकास अधिकारी पवन कुमार मीना ने भी किसानों को फसल अवशेषों का वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन करने और पराली न जलाने के लिए प्रेरित किया। उप कृषि निदेशक ने कृषि विभाग की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि किसान आधुनिक तकनीक, उन्नत बीज और बेहतर कृषि प्रबंधन अपनाकर न केवल उत्पादन बढ़ा सकते हैं, बल्कि अपनी आमदनी में भी इजाफा कर सकते हैं।

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