– मरीजों ने चिकित्सकों की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल, 100 से 800 रुपये तक खर्च होने का दावा
– अस्पताल में उपलब्ध दवाओं की सूची सार्वजनिक करने और मामले की जांच की मांग
CITY NEWS FATEHPUR
खागा, फतेहपुर(CNF)। सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हुए हैं। विजयीपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार कराने पहुंच रहे मरीजों को कथित तौर पर बाहर से दवाएं खरीदने के लिए पर्चे दिए जाने का मामला सामने आया है। मरीजों का आरोप है कि सरकारी अस्पताल में उपचार के लिए आने के बावजूद उन्हें कई ऐसी दवाएं बाहर से खरीदनी पड़ रही हैं, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की परेशानी बढ़ रही है।
मरीजों के मुताबिक चिकित्सकों द्वारा पर्चे पर दवाओं के नाम लिखे जाने के बाद उन्हें अस्पताल परिसर के बाहर स्थित मेडिकल स्टोर से दवाएं लेने के लिए कहा जाता है। कुछ मरीजों का दावा है कि इन दवाओं पर उन्हें 100 रुपये से लेकर 800 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं। ऐसे में सरकारी अस्पताल में इलाज कराने पहुंचने वाले गरीब तबके के लोगों के सामने अतिरिक्त खर्च का संकट खड़ा हो रहा है।
सोनमऊ गांव निवासी शमशेर सिंह का कहना है कि वह इलाज के लिए विजयीपुर पीएचसी पहुंचे थे। चिकित्सक द्वारा लिखी गई दवाएं उन्हें बाहर से खरीदनी पड़ीं, जिनकी कीमत करीब 800 रुपये आई। उनका कहना है कि यदि संबंधित दवाएं अस्पताल में उपलब्ध हैं तो मरीजों को उन्हें बाहर से खरीदने की जरूरत नहीं पड़नी चाहिए।
मरीजों और उनके तीमारदारों ने अस्पताल में उपलब्ध दवाओं का स्टॉक और सूची सार्वजनिक किए जाने की मांग की है। साथ ही चिकित्सकों द्वारा बाहर से दवा लिखे जाने के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि सरकारी अस्पतालों का उद्देश्य जरूरतमंदों को कम खर्च में बेहतर उपचार उपलब्ध कराना है, इसलिए दवा वितरण व्यवस्था की नियमित निगरानी जरूरी है।
वहीं मामले में अस्पताल प्रशासन का पक्ष जानने का प्रयास किया गया। चिकित्साधीक्षक के मुख्य कक्ष का दरवाजा बंद मिला। वहां मौजूद लोगों से पूछताछ करने पर कुछ देर बाद आने की जानकारी दी गई। अस्पताल प्रशासन की ओर से आरोपों पर तत्काल कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी।
